सड़क नहीं, ये है मुसीबत का रास्ता : 79 साल बाद भी गिल्हनी-तेघरिया को पक्की सड़क का इंतजार

किशनगंज के गिल्हनी-तेघरिया मार्ग की बदहाली से ग्रामीण परेशान हैं। आजादी के 79 साल बाद भी पक्की सड़क न होने से लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

किशनगंज : आजादी के 79 साल बाद भी टेढ़ागाछ प्रखंड की बैगना पंचायत के वार्ड नंबर एक स्थित गिल्हनी गांव के ग्रामीण पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं. गिल्हनी से तेघरिया तक करीब तीन किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क वर्षों से बदहाल है. बरसात में कीचड़ और जलजमाव के कारण यह रास्ता ग्रामीणों के लिए और भी मुश्किल हो जाता है.

कहीं सड़क ध्वस्त, कहीं कट गया रास्ता

ग्रामीणों के अनुसार, गिल्हनी-तेघरिया मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब है. कई जगह सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क कट जाने से आवागमन बाधित रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क निर्माण की मांग को लेकर सांसद, विधान पार्षद, विधायक, जिला पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गयी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ.

बच्चों से मरीजों तक, सभी परेशान

सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है. बच्चों को विद्यालय आने-जाने में परेशानी होती है. ग्रामीणों को प्रखंड और जिला मुख्यालय के साथ आसपास के बाजारों तक पहुंचने में भी कठिनाई होती है. आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है.

सड़क के कटे हिस्से पर पुल की मांग

ग्रामीण करमचंद सिंह, राजकुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, श्यामलाल मांझी, रूपचंद हरिजन, गणेश प्रसाद सिंह, नारायण मांझी, प्रेमलाल हरिजन और करण लाल सिंह समेत दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से गिल्हनी-तेघरिया मार्ग का जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने सड़क के कटे हुए हिस्से पर आरसीसी पुल बनाने की भी मांग की है.

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लेखक के बारे में

By गौरव कुमार

गौरव कुमार प्रिंट माध्यम में 20 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 10 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. राजनीतिक, सामाजिक व अपराध की खबरों में विशेष रूचि है.

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