ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Garib Nawaz Express: बिहार के सीमांचल अंतर्गत कटिहार रेल मंडल में चल रहे ढांचागत विकास कार्यों के बीच बुधवार की अहले सुबह एक बेहद चौंकाने वाली तकनीकी लापरवाही सामने आई है. डायवर्टेड रूट से चलाई जा रही गाड़ी संख्या 15716 अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस का इंजन ठाकुरगंज स्टेशन से खुलते ही बोगियों से पूरी तरह अलग हो गया. ट्रेन के अचानक तेज झटके के साथ रुकने और कपलिंग (Coupling Broken) के बीच से टूट जाने के कारण सो रहे रेल यात्रियों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. गनीमत यह रही कि ट्रेन की रफ्तार बेहद धीमी थी, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक हादसा टल गया. घटना की सूचना मिलते ही कटिहार रेल मंडल के तकनीकी अधिकारियों और रेल कर्मियों में हड़कंप मच गया.
इंजन रिवर्सल की प्रक्रिया के तुरंत बाद खुली कपलिंग; 2 घंटे तक फंसी रही ट्रेन
- यह था डायवर्टेड रूट: कटिहार-किशनगंज मुख्य रेलखंड पर निर्माण कार्य चलने के कारण इस एक्सप्रेस ट्रेन को पूर्णिया जंक्शन, अररिया कोर्ट और पौआखाली होते हुए ठाकुरगंज मार्ग से चलाया जा रहा था.
- रिवर्सल की तकनीकी मजबूरी: चूंकि ठाकुरगंज पहुंचने के बाद ट्रेन को वापस किशनगंज की दिशा में मोड़ना था, इसलिए स्टेशन पर इंजन को आगे से हटाकर पीछे लगाने (इंजन रिवर्सल) की प्रक्रिया कड़ाई से अपनाई गई.
- विलंब और हादसा: अपने निर्धारित समय रात 02:30 बजे के बजाय ट्रेन तड़के 03:40 बजे ठाकुरगंज पहुंची. रिवर्सल के बाद जैसे ही ट्रेन किशनगंज के लिए रवाना हुई, कपलिंग लॉक ठीक से न लगने के कारण खुल गई.
गरीब नवाज एक्सप्रेस घटनाक्रम और प्रशासनिक कड़ा एक्शन
अहले सुबह मची रही भागदौड़: अंधेरा होने और अचानक बोगियों के कड़क आवाज के साथ रुकने से महिला, बच्चे और बुजुर्ग यात्री बोगियों से नीचे उतरकर ट्रैक पर आ गए. यात्रियों में कनेक्टिंग ट्रेनें छूटने और लंबी दूरी की यात्रा में हो रही देरी को लेकर भारी आक्रोश देखा गया.
| ट्रेन संख्या एवं नाम | स्टेशन पहुंचने का समय | कपलिंग टूटने का समय | ट्रैक क्लीयरेंस व प्रस्थान समय | कुल कड़ा व्यवधान काल |
| 15716 अजमेर-किशनगंज गरीब नवाज | तड़के 03:40 बजे (लेट) | स्टेशन से खुलते ही (अहले सुबह) | सुबह करीब 05:30 बजे | लगभग 02 घंटे |
तकनीकी जांच के कड़े आदेश; यात्रियों को सुरक्षित किया गया विदा
इंजन के अलग होते ही रेलवे की मैकेनिकल और कैरिज एंड वैगन (C&W) विभाग की तकनीकी टीम क्रेन और उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत और कड़े प्रयासों के बाद कपलिंग को दोबारा आपस में जोड़ा गया और प्रेशर पाइपलाइन को दुरुस्त किया गया. इसके बाद सुरक्षा नियंत्रक (Safety Controller) द्वारा कड़क ट्रायल रन और ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद सुबह 5:30 बजे ट्रेन को किशनगंज के लिए सुरक्षित रवाना किया गया.
अधिकारियों का आधिकारिक बयान:
कटिहार रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है. रेलवे के तकनीकी विंग ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इस बात की विभागीय जांच शुरू कर दी है कि इंजन रिवर्सल के समय पॉइंट्समैन और संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा कपलिंग के कड़े लॉकिंग पिन को ठीक से फिट किया गया था या नहीं. अधिकारियों ने साफ किया है कि इस घटना में किसी भी यात्री को खरोंच तक नहीं आई है और मामले में दोषी पाए जाने वाले रेल कर्मियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
