सहयोग शिविर से ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिल रहा मुक्ति
सरकारी कार्यालय के चक्कर लगान से लोगों को सहयोग शिविर निजात दिला रहा है. ठाकुरगंज प्रखंड की तीन अलग-अलग पंचायतों तातपौवा, दल्लेगांव और जीरनगछ में मंगलवार को विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया.
अलग-अलग जगह शिविर आयोजित कर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के बीच जरूरी दस्तावेजों का वितरण किया गया. पूर्व मंत्री ने आवेदकों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड, नए राशन कार्ड और जमाबंदी सुधार पत्र आदि सौंपे.
पौआखाली रिपोर्टर के अनुसार
ठाकुरगंज प्रखंड की तीन अलग-अलग पंचायतों तातपौवा, दल्लेगांव और जीरनगछ में मंगलवार को विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. इन शिविरों में अपनी समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्थानीय ग्रामीणों व आवेदकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. शिविरों की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए जिला व प्रखंड प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. तातपौवा पंचायत भवन में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री नौशाद आलम मौजूद रहे. उनके हाथों विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के बीच जरूरी दस्तावेजों का वितरण किया गया. पूर्व मंत्री ने आवेदकों को जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड, नए राशन कार्ड और जमाबंदी सुधार पत्र आदि सौंपे. पूर्व मंत्री बिहार सरकार नौशाद आलम ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जनता के दरवाजे तक पहुंचाना ही इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य है. इससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल रही है.
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद :
शिविरों को सफल बनाने और मौके पर ही आवेदकों की समस्याओं के निष्पादन के लिए एडीएम (अपर समाहर्ता) स्तर के वरीय पदाधिकारियों से लेकर बीडीओ अहमर अब्दाली समेत प्रखंड स्तरीय तमाम अधिकारीगण और कर्मी मुस्तैद रहे. अधिकारियों ने न सिर्फ आवेदकों के आवेदन स्वीकार किए, बल्कि कई तकनीकी दिक्कतों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा भी किया.
इन सेवाओं का मिला लाभ :
नए राशन कार्ड का वितरण और संशोधन, मनरेगा के तहत नए जॉब कार्ड. राजस्व विभाग से जुड़े जमाबंदी सुधार पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र का त्वरित वितरण हुआ. तातपौवा के अलावा दल्लेगांव और जीरनगछ पंचायतों में भी सुबह से ही आवेदकों की लंबी कतारें देखी गईं. ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक ही छत के नीचे कई विभागों के अधिकारियों के मौजूद रहने से उनके काम आसानी से हो गए. शिविरो में मुखिया प्रतिनिधि रसमुद्दीन फैज, मुखिया निर्मल कुमार, पूर्व मुखिया आफाक आलम, विनय साह आदि उपस्थित रहें.