ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट,
सम्राट अशोक भवन निर्माण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है. जानकारी के अनुसार, चिन्हित भूमि पर अतिक्रमण पूरी तरह हटे बिना ही पहले शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया, जबकि इसके बाद अंचल प्रशासन द्वारा भूमि खाली कराने का आदेश जारी किया गया। .स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि शिलान्यास कार्यक्रम जल्दबाजी में किया गया, जबकि जमीन पर अभी भी अतिक्रमण मौजूद था . इसके बाद प्रशासन ने औपचारिक रूप से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया तेज करते हुए 4 मई तक भूमि खाली करने का निर्देश जारी किया.अंचल अधिकारी कार्यालय, ठाकुरगंज द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर भूमि खाली नहीं करने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी और बाधा उत्पन्न करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी होगी.इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि पहले जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाना चाहिए था, उसके बाद ही शिलान्यास जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए था.
फिलहाल, प्रशासन अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की दिशा में सक्रिय है, लेकिन शिलान्यास और कार्रवाई के क्रम को लेकर बहस जारी है।