आशा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

आशा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

प्रशिक्षण से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नयी मजबूती

किशनगंज. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच व गुणवत्ता को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सदर अस्पताल परिसर में आयोजित पांच दिवसीय आवासीय पार्टिसिपेटरी लर्निंग एंड एक्शन (पीएलए) प्रशिक्षण कार्यक्रम का एक और बैच सफलतापूर्वक संपन्न हो गया. इस प्रशिक्षण में ठाकुरगंज, दिघलबैंक, किशनगंज ग्रामीण व टेढ़ागाछ प्रखंडों के आशा फैसिलिटेटरों ने भाग लिया व सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान, संवाद की प्रभावी तकनीक व समाधान के लिए सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने के तरीके सीखे. प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रभारी सिविल सर्जन डॉ मंजर आलम व जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीडीए) सुमन सिन्हा ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की.

सहभागी पद्धति से सीखने व अनुभव साझा करने पर विशेष जोर

डीडीए सुमन सिन्हा ने बताया कि पांच दिनों तक चले इस आवासीय प्रशिक्षण में आशा फैसिलिटेटरों को सहभागी पद्धति के माध्यम से विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गयी. इसमें समुदाय के साथ नियमित बैठक आयोजित करना, स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करना व उनके समाधान के लिए सामुदायिक सहयोग सुनिश्चित करने के तरीके सिखाए गए. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ मंजर आलम ने कहा कि आशा कार्यकर्ता व फैसिलिटेटर स्वास्थ्य सेवाओं व समुदाय के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं. इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उनकी कार्यक्षमता व नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है. प्रशिक्षण के दौरान समूह चर्चा, अभ्यास सत्र व वास्तविक अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से प्रतिभागियों को सीखने का अवसर दिया गया. आशा फैसिलिटेटरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली चुनौतियों को साझा किया व उनके समाधान के लिए सामूहिक विचार-विमर्श किया. पीएलए पद्धति का उद्देश्य समुदाय को स्वास्थ्य से जुड़े निर्णयों में सक्रिय भागीदार बनाना है, जिससे स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभाव व्यापक व स्थायी हो. प्रशिक्षण में मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी व आशा फैसिलिटेटरों को यह भी बताया गया कि वे अपने क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को किस प्रकार मार्गदर्शन देकर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बना सकती हैं. प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में सीखी गयी तकनीकों को लागू करेंगे, जिससे ग्रामीण समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक लाभ मिलेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >