बेलवा के प्रतिनिधि के अनुसार
अनुमंडल पदाधिकारी के जारी आदेश के बावजूद निर्धारित तिथि को सरकारी भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाए जाने का मामला सामने आया है. मामले को उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता एवं राष्ट्रीय आरटीआई कार्यकर्ता हसीबुर रहमान ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर तत्काल हस्तक्षेप एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है.हसीबुर रहमान ने कहा कि सक्षम प्रशासनिक आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है. इससे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा यथावत बना हुआ है तथा प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा होता है. उन्होंने जिला पदाधिकारी से मामले की जांच कर कार्रवाई नहीं होने के कारणों का पता लगाने, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा भूमि को शीघ्र अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर समाहर्ता द्वारा कुल 5 एकड़ 12 डिसमिल जमीन थी. प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार उक्त भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से चाय की खेती कर अतिक्रमण किया जा रहा है. अंचल कार्यालय की ओर से अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए जाने तथा उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बावजूद भूमि को अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका.इसके बाद अनुमंडल प्रशासन ने 12 जून 2026 को अतिक्रमण हटाने के लिए दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा 50 महिला एवं 50 पुरुष पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति करते हुए संयुक्त आदेश जारी किया था. लेकिन इसके बावजूद निर्धारित तिथि को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश का अनुपालन अधूरा रह गया.
