KISHANGANJ : 39 करोड़ की बाइपास निर्माण कार्य पर सवालों की धूल
जिस बाइपास को ठाकुरगंज की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा था, वही अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है.
ठाकुरगंज ( किशनगंज ) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट:
जिस बाइपास सड़क को ठाकुरगंज की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान माना जा रहा था, वही अब निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है. सड़क निर्माण विभाग (आरसीडी) मद से लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से बन रही बहुप्रतीक्षित बायपास सड़क के पुल निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर सोमवार को स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. सुबह निर्माण स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने कार्य में इस्तेमाल हो रही सामग्री पर गंभीर सवाल उठाए. स्थानीय निवासी मु. शब्बीर, मुख्तार, औरंगजेब समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है. लोगों का कहना है कि जहां मजबूत निर्माण के लिए पीली बालू का उपयोग होना चाहिए, वहां स्थानीय बालू से काम कराया जा रहा है. साथ ही, निर्माण कार्य में पीपीसी सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि तकनीकी मानकों के अनुसार ओपीसी सीमेंट का उपयोग होना चाहिए.
शुरुआती चरण में ही निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि करोड़ों की इस परियोजना से ठाकुरगंज की तस्वीर बदलने की उम्मीद थी. शहर में आये दिन लगने वाले जाम से राहत पाने के लिए लोग वर्षों से बायपास की मांग कर रहे थे. जब निर्माण कार्य शुरू हुआ तो लोगों को लगा कि अब शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी, लेकिन शुरुआती चरण में ही निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में अभी से समझौता किया गया तो आने वाले समय में सड़क और पुल दोनों की मजबूती प्रभावित होगी. लोगों ने आशंका जताई कि जल्दबाजी और घटिया सामग्री के कारण करोड़ों की यह परियोजना भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है.
आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाये जायेंगे : एसडीओ
इधर मामले को गंभीर होते देख सड़क निर्माण विभाग के एसडीओ गोपाल मंडल ने कहा कि संवेदक को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
निर्माण कार्य की निगरानी करेंगे ग्रामीण
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि वे निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करेंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही को उजागर करेंगे. लोगों का कहना है कि यह केवल सड़क नहीं, बल्कि ठाकुरगंज के विकास और भविष्य से जुड़ी परियोजना है, इसलिए निर्माण में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.