पौआखाली की मुख्य सड़कों पर मक्का सुखाने से बढ़ा हादसों का खतरा
पौआखाली की मुख्य सड़कों पर मक्का सुखाने से बढ़ा हादसों का खतरा
एनएच
327ई समेत ग्रामीण सड़कों पर बिछी है फसल, फिसलन के कारण बाइक सवार हो रहे दुर्घटना का शिकार
पौआखाली. इन दिनों ग्रामीण इलाकों से लेकर नेशनल हाईवे तक की सड़कें अनाज सुखाने के खलिहान में तब्दील हो गयी हैं. वर्तमान में मक्के की कटाई का सीजन चल रहा है, जिसका सीधा असर अब यातायात सुरक्षा पर दिखने लगा है. किसान अपनी मक्के की फसल व उसके डंठल को सुखाने के लिए मुख्य सड़कों का सहारा ले रहे हैं, इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका काफी बढ़ गयी है. अररिया-ठाकुरगंज एनएच 327ई, जियापोखर बॉर्डर रोड व पौआखाली-जियापोखर पीडब्ल्यूडी रोड सहित कई महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़क के दोनों ओर मक्के के दाने व डंठल फैलाए जा रहे हैं. उसे अतिक्रमित किया जा रहा है. प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़कों की स्थिति तो और भी बदतर है, जहां सड़कों का एक बड़ा हिस्सा मक्के की फसल से ढका रहता है, कहीं कहीं तो बड़े बड़े पत्थरों को रख दिया जाता है, ताकि मक्के के दाने सुरक्षित रहें. सड़कों पर फैले मक्के के दानों व डंठल के कारण सबसे अधिक परेशानी दुपहिया वाहन चालकों को हो रही है. मक्के के दानों पर अचानक ब्रेक लगाने से वाहन फिसल रहे हैं, वहीं सूखे डंठल टायरों में फंसकर संतुलन बिगाड़ रहे हैं. स्थानीय राहगीरों का कहना है कि यह सरासर यातायात नियमों की अनदेखी है. सड़क पर मक्का सुखाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि राहगीरों के लिए जानलेवा भी साबित हो रहा है. तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मक्के का ढेर आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. हैरानी की बात यह है कि मुख्य मार्गों व व्यस्त सड़कों पर खुलेआम हो रही इस गतिविधि से स्थानीय प्रशासन पूरी तरह बेखबर बना हुआ है. न तो पुलिस प्रशासन और न ही संबंधित विभाग द्वारा इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. प्रशासन की यह शिथिलता किसी बड़ी अनहोनी को दावत दे रही है. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन से इस दिशा में ठोस कार्रवाई की मांग की है.