Kishanganj News: किशनगंज. पीएम पोषण योजना की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी ने गुरुवार को दिघलबैंक प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मध्याह्न भोजन व्यवस्था, रसोईघर, खाद्यान्न भंडारण, बच्चों की उपस्थिति और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. डीपीओ ने बच्चों से भोजन की गुणवत्ता और वितरण को लेकर फीडबैक भी लिया.
कई विद्यालयों का किया निरीक्षण
डीपीओ ने आदर्श मध्य विद्यालय तुलसिया, प्राथमिक विद्यालय चौधरी बस्ती, उच्च विद्यालय टप्पू हाट और मध्य विद्यालय टप्पू हाट समेत कई विद्यालयों का निरीक्षण किया. उन्होंने रसोईघर की स्थिति, खाद्यान्न के भंडारण और भोजन वितरण की प्रक्रिया की जानकारी ली. प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित कर्मियों को पीएम पोषण योजना के निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया.
बच्चों से लिया भोजन का फीडबैक
निरीक्षण के दौरान डीपीओ ने बच्चों को दिए जा रहे मिड डे मील की गुणवत्ता और नियमितता की जानकारी ली. उन्होंने बच्चों से भोजन को लेकर सीधे फीडबैक भी लिया. विद्यालय प्रबंधन को भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया.
हाउस कीपिंग में कमी पर जताई नाराजगी
विद्यालयों में साफ-सफाई और हाउस कीपिंग की व्यवस्था को लेकर डीपीओ असंतुष्ट दिखीं. कई जगहों पर साफ-सफाई में अपेक्षित सुधार की जरूरत महसूस हुई. उन्होंने संबंधित विद्यालय प्रधानों को शौचालयों और विद्यालय परिसर की नियमित सफाई कराने तथा हाउस कीपिंग व्यवस्था को बेहतर करने का निर्देश दिया.
स्वच्छ वातावरण बच्चों के लिए जरूरी
डीपीओ बबीता कुमारी ने बताया कि पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना पहली प्राथमिकता है. इसके साथ विद्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखना भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि हाउस कीपिंग केवल विद्यालय की सुंदरता से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि बच्चों के स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है.
कमियां तत्काल दूर करने का निर्देश
Kishanganj News: डीपीओ ने विद्यालय प्रबंधन को नियमित रूप से साफ-सफाई सुनिश्चित करने और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए. निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षक और अन्य कर्मी मौजूद रहे.
