मुख्य बातें:
किशनगंज से राहुल कुमार की रिपोर्ट
Flood Review Meeting: किशनगंज समालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में संभावित बाढ़, नदी कटाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. मानसून के सक्रिय होने और नदियों के बढ़ते जलस्तर की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सभी विभागों और प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का हुक्म जारी किया है. बैठक में सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी आदित्य कुमार ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से जिले के अति-संवेदनशील बाढ़ क्षेत्रों और नदी कटाव स्थलों की वर्तमान भौगोलिक स्थिति से डीएम को अवगत कराया.
दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और पशुओं के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल
- मेडिकल किट व जीवन रक्षक दवाएं: डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित सुदूर ग्रामीण इलाकों में जीवन रक्षक दवाओं, ओआरएस और विशेष रूप से सर्पदंश (Snake Bite) के इलाज हेतु एंटी-स्नेक वेनम का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए. सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर वार ड्यूटी लगाने को कहा गया.
- पशुधन की सुरक्षा: बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए ऊंचे स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है. पशुपालन पदाधिकारी को पशुओं के चारे (भूसा) और जरूरी टीकों व दवाओं की मुस्तैदी रखने का आदेश दिया गया.
- अस्थायी शौचालय और चापाकल: पीएचईडी विभाग को निर्देश दिया गया कि जलभराव की स्थिति में प्रभावित टोलों में त्वरित गति से ऊंचे स्थानों पर चापाकल गाड़ने और अस्थायी कम्युनिटी टॉयलेट्स बनाने की मुस्तैदी रखी जाए.
राहत राशि के लिए 3 दिनों में ‘आधार सीडिंग’ पूरा करने का अल्टीमेटम
आपदा राहत वितरण और प्रशासनिक क्रियान्वयन से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्देश इस प्रकार है. जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली सरकारी अनुग्रह अनुदान (राहत राशि) के पारदर्शी और त्वरित ट्रांसफर के लिए ‘आधार सीडिंग’ कार्य की विस्तृत समीक्षा की.
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर लंबित आधार सत्यापन एवं सीडिंग (Aadhaar Seeding) का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए. इसके तहत लाभार्थियों के बैंक खातों को आधार से जोड़ने की कड़ियों को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि आपदा के समय बिना किसी तकनीकी बाधा के जीआर (General Relief) राशि सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में भेजी जा सके.
टेढ़ागाछ और ठाकुरगंज अंचल के लिए विशेष सुरक्षात्मक रणनीति
- टेढ़ागाछ अंचल: इस क्षेत्र में नदी कटाव की आक्रामक स्थिति को देखते हुए सीओ को जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के साथ संयुक्त निरीक्षण करने का आदेश मिला है. आवश्यकता पड़ने पर राहत कार्यों में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की बटालियन से तत्काल समन्वय स्थापित कर सहयोग लेने की हिदायत दी गई है.
- ठाकुरगंज अंचल: ठाकुरगंज के अंचलाधिकारी ने बैठक में जानकारी साझा की कि एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों के अलावा एसएसबी की 19वीं एवं 41वीं बटालियन के साथ संपर्क साधा गया है. नावों (Boats) और अन्य जीवन रक्षक संसाधनों की मैपिंग पूरी कर ली गई है.
Flood Review Meeting: आपदा हेल्पलाइन नंबर 06456-225152 जारी, 24 घंटे एक्टिव रहेगा कंट्रोल रूम
डीएम नवीन कुमार ने सभी अंचल अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कोई भी अधिकारी बिना पूर्व लिखित अनुमति के अपना मुख्यालय क्षेत्र नहीं छोड़ेगा. सरकारी और व्यक्तिगत मोबाइल नंबर २४ घंटे चालू रखने होंगे. किसी भी आपातकालीन स्थिति में आम लोगों तक त्वरित सूचना पहुंचाने के लिए माइकिंग (लाउडस्पीकर) का सहारा लिया जाए. जनता की सुविधा और बाढ़ संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष का टोल-फ्री आपदा हेल्पलाइन नंबर 06456-225152 और व्हाट्सएप आधारित सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है.
पटना: NEET Re-Exam में सॉल्वर गैंग को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया.
इस महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में अपर समाहर्ता मो. उमैर, अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनिकेत कुमार, कार्यपालक अभियंता एफसीडी, आरडब्ल्यूडी, आरसीडी, सिविल सर्जन, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी और एसडीआरएफ के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जबकि जिले के सभी अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सीधे जुड़े हुए थे.
