ठाकुरगंज ठाकुरगंज के विकास को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर आवाज बुलंद होने लगी है. भाजपा नेता अमित सिन्हा एवं भाजपा जिला प्रवक्ता कोशल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं और विकास योजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. ज्ञापन में ठाकुरगंज रेलवे फाटक पर रोड ओवरब्रिज निर्माण, राजकीय मेडिकल कॉलेज, सरकारी डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पूर्ण अस्पताल का दर्जा, साइबर थाना तथा ठाकुरगंज को अनुमंडल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से रखा गया है. नेताओं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद ठाकुरगंज आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है. कौशल किशोर यादव के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बूढ़ी डोंगी नदी का चौड़ीकरण एवं अतिक्रमण हटाने, मुख्य सड़क को फोरलेन करने, सीमावर्ती थानों में एसटीएफ एवं बीएमपी की स्थायी तैनाती तथा दिघलबैंक में 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र स्थापित करने की मांग भी उठाई गई है. साथ ही ठाकुरगंज को “पाइनएप्पल सिटी ऑफ बिहार” के रूप में विकसित करने, पर्यटन स्थलों के विकास और ऐतिहासिक श्री हरगौरी बाबा नाथ मंदिर को “शिव सर्किट” में शामिल करने की मांग ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. नेताओं का कहना है कि ठाकुरगंज क्षेत्र कृषि, पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन वर्षों से अपेक्षित सरकारी सुविधाओं और योजनाओं से वंचित रहा है. बढ़ती आबादी, ट्रैफिक जाम, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा संस्थानों की कमी और सीमावर्ती सुरक्षा चुनौतियों के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इन मांगों को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. आम लोगों को अब उम्मीद है कि सरकार सीमांचल के इस महत्वपूर्ण इलाके की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विकास की दिशा में ठोस कदम उठाएगी.
ठाकुरगंज में विकास की मांग अब तेज, मुख्यमंत्री तक पहुंची सीमांचल की आवाज
ठाकुरगंज रेलवे फाटक पर रोड ओवरब्रिज निर्माण, राजकीय मेडिकल कॉलेज, सरकारी डिग्री कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पूर्ण अस्पताल का दर्जा, साइबर थाना तथा ठाकुरगंज को अनुमंडल बनाने जैसी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से रखा गया है.
