पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने शनिवार की संध्या प्रेसवार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि किशोरी की मौत नहाने के दौरान नदी में डूबने से हुई थी. उसके दोनों मौसेरे भाइयों ने डर के कारण पहले गलत बयान दिया था.
किशनगंज के प्रतिनिधि के
अनुसार
पांच जून को किशनगंज थाना क्षेत्र के डुमरिया भट्टा स्थित शिवगंगा घाट की नदी में मिली 13 वर्षीय मेनका कुमारी के शव मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है. पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने शनिवार की संध्या प्रेसवार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि किशोरी की मौत नहाने के दौरान नदी में डूबने से हुई थी. उसके दोनों मौसेरे भाइयों ने डर के कारण पहले गलत बयान दिया था.
28 मई की शाम को लक्ष्मण कुमार साह ने किशनगंज थाना में अपनी 13 वर्षीय भांजी मेनका कुमारी के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी. जांच में पता चला कि मिट्टी निकालने से नदी में कहीं 3-4 फीट तो कहीं 10 से 30 फीट तक गहराई थी. डॉग स्क्वॉड टीम ने भी घटनास्थल पर मिले बाल और कपड़ों की मदद से जांच की. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच में पता चला कि मेनका अपने दो मौसेरे भाई 10 वर्षीय आयुष और 15 वर्षीय प्रिंस के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन सिर्फ दोनों भाई वापस लौटे.पूछताछ में दोनों ने पहले बयान बदले. बाद में परिजनों के सामने सौहार्दपूर्ण तरीके से पूछने पर उन्होंने बताया कि तीनों नहाने गए थे. मेनका बांध से नदी में छलांग लगा रही थी. तीसरी बार छलांग लगाने पर वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी. भाइयों ने बचाने की कोशिश की, पर गहराई ज्यादा होने और आसपास कोई न होने से वे बचा नहीं पाए. डर के कारण उन्होंने घरवालों से कहा कि मेनका शौच के लिए घर चली गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मेनका के शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली.
उसके फेफड़े और पेट में रेत-मिट्टी के कण मिले, जिससे डूबने से मौत की पुष्टि हुई. दोनों भाइयों ने घटनास्थल पर जाकर पूरी घटना बताई, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की गई. दोनों ने कोर्ट में भी स्वेच्छा से बयान दर्ज कराए. पुलिस ने बताया कि अनुसंधान में लापरवाही की जांच एसडीपीओ से कराई जा रही है. जांच के दौरान बाधा डालने वालों पर भी कार्रवाई होगी. पुलिस ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच में सहयोग की अपील की है.