पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
Summer Vacation: उत्तर बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण उमस से आम जनजीवन बेहाल है. मैदानी इलाकों में पारा जहां 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, वहीं स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां (समर वेकेशन) होते ही सीमांचल वासियों ने राहत की सांस लेने के लिए पहाड़ों का रुख करना शुरू कर दिया है. कभी इस क्षेत्र के लोगों के लिए सिलीगुड़ी से सटे दूधिया, रोहिणी, मिरिक और कोर्सियोंग ही मुख्य पसंदीदा वीकेंड स्पॉट हुआ करते थे. परंतु, पिछले कुछ वर्षों में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और जीवन स्तर में सुधार के चलते अब दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) और गंगटोक (सिक्किम) जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हिल स्टेशन सीमांचल के पर्यटकों के आकर्षण का सबसे प्रमुख केंद्र बन गए हैं.
सुहावने मौसम का जादू; कंचनजंगा की चोटियों से लेकर नाथुला दर्रे तक उमड़े लोग
- मौसम में जमीन-आसमान का अंतर: जहां पूर्णिया प्रमंडल के जिलों में लोग पसीने से तर-बतर हैं, वहीं दार्जिलिंग और गंगटोक में इस समय गुलाबी ठंड का अहसास हो रहा है. यहां का तापमान 15 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जो पर्यटकों को एक जादुई दुनिया का अहसास करा रहा है.
- इन शहरों से प्रतिदिन रवाना हो रहे हैं परिवार: पूर्णिया, अररिया, कटिहार सहित किशनगंज जिला मुख्यालय, ठाकुरगंज, बहादुरगंज और पौआखाली के ग्रामीण व शहरी इलाकों से रोजाना दर्जनों परिवार निजी वाहनों, बसों और ट्रेनों के जरिए सिलीगुड़ी होते हुए पहाड़ों की ओर निकल रहे हैं.
- बच्चों के लिए टॉय ट्रेन और रोपवे का रोमांच: छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे बच्चों के लिए यूनेस्को की विश्व धरोहर दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सवारी, बतासिया लूप का चक्कर काटना और पहाड़ों के बीच झूलता रोपवे (Ropeway) जीवन भर का एक अनूठा और यादगार अनुभव साबित हो रहा है.
दोनों राज्यों के इन मुख्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों का जमघट
सैलानियों की पहली पसंद: सीमांचल से जाने वाले पर्यटक दोनों ही राज्यों के प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों को अपने टूर पैकेज में शामिल कर रहे हैं. मुख्य दर्शनीय स्थलों की सूची इस प्रकार है:
- दार्जिलिंग के प्रमुख आकर्षण: सूर्योदय (सनराइज) का मनमोहक नजारा पेश करने वाला विश्व प्रसिद्ध टाइगर हिल (जहां से माउंट एवरेस्ट और कंचनजंगा की चोटियां दिखाई देती हैं), पद्मजा नायडू हिमालयन जूलॉजिकल पार्क, जापानी मंदिर और शाम की चहल-पहल वाला मॉल रोड.
- सिक्किम (गंगटोक) के मुख्य केंद्र: भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण नाथुला दर्रा, एमजी मार्ग (महात्मा गांधी मार्केट), लाचुंग, फूलों से सजी यूमथांग घाटी, पेलिंग, गुरुदोंगमार झील, नामची स्थित भव्य बुद्ध पार्क और चारधाम मंदिर परिसर.
निजी गाड़ियों से जाना हुआ बेहद आसान; पर्यटन व्यवसाय में आया भारी उछाल
स्थानीय पर्यटकों ने बताया कि सीमांचल से दार्जिलिंग और सिक्किम जाना अब बेहद सुगम हो गया है. किशनगंज के रास्ते सिलीगुड़ी या न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) तक ट्रेन या लग्जरी बसों से पहुंचने के बाद वहां से सीधे गंगटोक या दार्जिलिंग के लिए शेयरिंग व रिजर्व टैक्सियों की भरमार है. इसके अलावा, बेहतर सड़कों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी निजी कारों (Self-Drive) से सीधे पहाड़ों की चढ़ाई पूरी कर रहे हैं.
इस समर सीजन में पर्यटकों की भारी आमद (भीड़) के कारण दार्जिलिंग और गंगटोक के होटल व्यवसाय, होम-स्टे, ट्रेवल एजेंसियों और स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों के चेहरे खिले हुए हैं. उनके कारोबार में बंपर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. कुल मिलाकर, मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप से बचने और परिवार के साथ यादगार पल बिताने के लिए दार्जिलिंग-गंगटोक इस समय सीमांचल वासियों के लिए एक आदर्श और परफेक्ट हॉलिडे स्पॉट साबित हो रहे हैं.
