ठाकुरगंज (किशनगंज). नगर पंचायत ठाकुरगंज की सफाई व्यवस्था को लेकर खर्च में प्रस्तावित भारी बढ़ोतरी चर्चा का विषय बन गई है. उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2024-25 में सफाई व्यवस्था पर करीब 13.80 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा था, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए करीब 19.89 लाख रुपये प्रतिमाह का प्राक्कलन तैयार किया गया है. 24 माह की अवधि के लिए अनुमानित लागत 4,77,45,694 रुपये रखी गयी है.
हर महीने करीब 6.09 लाख रुपये अतिरिक्त
पुराने और प्रस्तावित खर्च की तुलना करें तो प्रतिमाह करीब 6.09 लाख रुपये की बढ़ोतरी सामने आती है. यह वृद्धि पुराने मासिक खर्च के मुकाबले करीब 44.16 प्रतिशत बैठती है. इसी अंतर को लेकर अब सफाई व्यवस्था के दायरे, कार्य मात्रा और खर्च की गणना पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
30 प्रतिशत की सीमा के बावजूद 44 प्रतिशत बढ़ोतरी का सवाल
मामले में शिकायतकर्ता विवेक कुमार साहा ने विभागीय आदर्श निविदा दस्तावेज का हवाला देते हुए जांच की मांग की है. उनका कहना है कि वर्तमान खर्च की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि नहीं होने की बात दस्तावेज में कही गई है, जबकि प्रस्तावित प्राक्कलन में करीब 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. ऐसे में इस अतिरिक्त वृद्धि का आधार स्पष्ट करने की मांग की गई है.
अतिरिक्त राशि का मदवार हिसाब मांगा
विवेक कुमार साहा ने अतिरिक्त 6.09 लाख रुपये प्रतिमाह के मदवार खर्च की स्वतंत्र तकनीकी और वित्तीय जांच कराने का आग्रह किया है. उन्होंने घर-घर कचरा संग्रहण, परिवारों का वास्तविक कवरेज, सफाई कर्मियों की संख्या, सड़कों और गलियों की लंबाई तथा कुल सफाई क्षेत्र का सत्यापन कराने की मांग की है.
रात्रिकालीन सफाई और अन्य खर्चों की भी जांच की मांग
जांच के दायरे में रात्रिकालीन सफाई, उपकरण, भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, बोनस और उपदान जैसी मदों को भी शामिल करने की मांग की गई है. शिकायतकर्ता के अनुसार प्रत्येक मद में निर्धारित मात्रा और दर का वास्तविक आधार जांचना जरूरी है, ताकि प्रस्तावित खर्च की आवश्यकता स्पष्ट हो सके.
12 वार्डों की सफाई से 24 माह की नई निविदा तक
दस्तावेज के अनुसार वर्ष 2024-25 की निविदा में नगर पंचायत के 12 वार्डों में घर-घर ठोस एवं गीले कचरे का पृथक्करण और संग्रहण तथा मुख्य सड़कों पर रात्रिकालीन सफाई शामिल थी. उस निविदा की अवधि 11 माह बताई गई है. नई निविदा में कार्य अवधि 24 माह और अनुमानित लागत 4,77,45,694 रुपये रखी गयी है. वहीं जमानत राशि 9,54,913 रुपये निर्धारित की गई है.
प्राक्कलन और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
विवेक कुमार साहा ने विस्तृत प्राक्कलन, कार्य मात्रा सूची, सफाई कर्मियों के निर्धारण और दर विश्लेषण की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है. साथ ही बजट प्रावधान, वित्तीय स्वीकृति और निविदा दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी जांच का आग्रह किया गया है.
सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर उठाया सवाल
आवेदन में कहा गया है कि उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि करीब 4.77 करोड़ रुपये के प्रस्तावित सार्वजनिक खर्च की वास्तविक आवश्यकता और नियमों के अनुरूपता की निष्पक्ष जांच कराना है.अब मामला इस बात पर केंद्रित है कि सफाई व्यवस्था के कार्यक्षेत्र और मात्रा में कितना बदलाव हुआ है और उसी के आधार पर खर्च में इतनी बड़ी वृद्धि क्यों प्रस्तावित की गई है. संबंधित विभाग की ओर से इस बढ़ोतरी का विस्तृत आधार सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
