बहादुरगंज सीओ, राजस्व कर्मचारी सहित 11 लोगों के खिलाफ परिवाद पत्र दायर

अधिवक्ता अबसार आलम ने शुक्रवार को बहादुरगंज सीओ आशीष कुमार, राजस्व कर्मचारी तारिक अहमद, अमीन बरूण कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अबूल सहित 11 लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी किशनगंज के न्यायालय में परिवाद पत्र दायर दायर किया है.

किशनगंज.अधिवक्ता अबसार आलम ने शुक्रवार को बहादुरगंज सीओ आशीष कुमार, राजस्व कर्मचारी तारिक अहमद, अमीन बरूण कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अबूल सहित 11 लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी किशनगंज के न्यायालय में बीएनएस की धारा 316(4) , 318(2) , 318(3), 115 (2), 126(2) , 198, 308(6), 316(2), 3(5) के तहत परिवाद पत्र दायर दायर किया है. मिली जानकारी के अनुसार अधिवक्ता अबसार आलम ने अपने परिवाद पत्र में बताया है कि दिनांक 8 जनवरी को करीब प्रात: पौने ग्यारह बजे वे बहादुरगंज अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी से मिले और उनसे अपनी जमीन के म्येटेशन के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने कहा कि राजस्व कर्मचारी तारीक अहमद जानकारी देंगे. इसके बाद वे राजस्व कर्मचारी से मिले तो राजस्व कर्मचारी ने कहा कि आप सीओ साहेब से मिलिए. इसपर परिवादी ने कहा कि मैं सीओ साहेब से मिलकर आया हूं. उन्होंने कहा कि आप ही म्यूटेशन के बारे में जानकारी देंगे. इसके बाद राजस्व कर्मचारी सीओ साहेब से मिलने चला गया और थोड़ी देर बाद आकर परिवादी से कहा कि आप सीओ साहेब का दक्षिण और ऑफिस का खर्चा मिलाकर एक लाख रूपया दीजिए. आपने केवल 20 हजार रूपये दिया है इसमें म्यूटेशन नहीं होगा. इस पर परिवादी ने कहा कि आपलोग पहले ही मुझसे रशीद देने के नाम पर 20 हजार रूपया ठग चुके है. मुझे उस राशि की रशीद काटकर दीजिए और म्यूटेशन कीजिए हम और रूपया नहीं दे पायेंगे. इस पर अपने कार्यालय में ही कर्मचारी मुझसे उलझ गये इसी समय सीओ साहेब भी वहां आ गये मुझे देखकर गुस्से में उन्होंने वहां मौजूद लोगों को कहा कि मारकर इसकी हालत खराब कर दो तब इसका दिमाग ठंडा होगा. इसे अधमरा कर दो. इस पर सभी मौजूद अभियुक्तगणों ने मेरे साथ और मेरे पिता जी के साथ लप्पड़ थप्पड़ व लात घूसा से हमला कर दिया. इसी दौरान पुलिस आयी और मुझे व मेरे पिता जी को थाना ले आये. मैंने अभियुक्तगण के खिलाफ आवेदन दिया जिसपर कोई कार्रवाई नहीं करते हुए मेरे पिता को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया और मुझे जेल भेज दिया गया. परिवादी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने म्यूटेशन के लिए अंचलाधिकारी को आवेदन दिया है जिसपर अभी तक म्यूटेशन नहीं किया गया है और वे 21 फरवरी 2024 से लगातार अंचल कार्यालय का चक्कर काटकर थक चुके है. मारपीट किये जाने, झूठे केस में जेल भेजे जाने से उनकी प्रतिष्ठा को काफी आघात पहुंचा है.

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