किसी पशु चिकित्सा शिविर से पशुपालक को काफी लाभ मिलता है और इससे भरपूर लाभ उठाया जाता है. पोठिया प्रखंड में पशु शिविर लगाया गया. जिसमें बड़ी संख्या में पशु की जांच हुई.
पशु विज्ञान महाविद्यालय अर्राबाड़ी के द्वारा शुक्रवार को केशोझारा रायपुर में 104 वां किसान संवाद एवं पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में 48 पशुपालकों के 128 छोटे-बड़े जानवरों में गर्भधारण की समस्या, गर्भ की जांच, खान-पान एवं पाचन की समस्या, कृमि की समस्या की जांच कर उचित परामर्श दिया गया.
पहाड़कट्टा के प्रतिनिधि के अनुसार
पोठिया प्रखंड के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय अर्राबाड़ी के द्वारा शुक्रवार को केशोझारा रायपुर में 104 वां किसान संवाद एवं पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के आयोजक डॉ हेमंत कुमार सहायक प्राध्यापक ने मौके पर जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ चंद्रहास के दिशा-निर्देश में किया गया. इसका उद्देश्य पशुपालकों के द्वार पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना एवं पशुपालन से संबंधित समस्या से अवगत होकर उसके निराकरण का प्रयास करना है. इस अवसर पर आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में 48 पशुपालकों के 128 छोटे-बड़े जानवरों में गर्भधारण की समस्या, गर्भ की जांच, खान-पान एवं पाचन की समस्या, कृमि की समस्या, प्रजनन की समस्या एवं पशुओं में दूध उत्पादन से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं का परीक्षण कर उचित परामर्श दिया गया तथा बीमारियों के निदान से संबंधित दवाइयों, खनिज तत्वों, कृमिनाशकों का निःशुल्क वितरण किया गया. उपचारित पशुओं में गौवंश, बकरी, सूअर तथा कुक्कुट के साथ-साथ पालतू पक्षी जैसे तोते भी शामिल रहे. कार्यक्रम समन्वयक डॉ आकृति ने बताया कि किसान संवाद सत्र में पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित कृमिनाशन, संतुलित आहार, रोग-निरोधक उपाय तथा वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई. पशुपालकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण पशुधन स्वास्थ्य एवं उत्पादन सुधार की दिशा में अत्यंत उपयोगी बताया.
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