सरहद के रखवालों को बंधा स्नेह का रक्षासूत्र! किशनगंज में BSF कैंप पहुंचीं बाल मंदिर स्कूल की 66 बेटियां, जवानों संग मनाई राखी

रक्षाबंधन पर किशनगंज की बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की 66 छात्राओं ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधी. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रप्रेम, कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त किया. यह आयोजन जवानों के लिए प्रेरणादायक रहा.

किशनगंज. रक्षाबंधन के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर गुरुवार को बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किशनगंज की छात्राओं ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान, कृतज्ञता और स्नेह व्यक्त किया. विद्यालय की 66 छात्राएं बीएसएफ कैंप, 132 बटालियन पहुंचीं और देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया.

रक्षाबंधन के सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व पर दिया संदेश

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रेसिडेंट गौरी शंकर अग्रवाल, डायरेक्टर ललित कुमार मित्तल एवं प्रधानाचार्या अंकिता जैन ने छात्राओं को संबोधित किया. उन्होंने रक्षाबंधन के सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक नहीं है, बल्कि सुरक्षा, कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना को भी मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में बीएसएफ जवानों का योगदान सभी के लिए गर्व का विषय है.

फोटो- बीएसएफ मुख्यालय में जवानों को राखी बांधती छात्राएं

छात्राओं ने जवानों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र

शिक्षिकाएं विनीता जैन एवं संचाली दास तथा शिक्षक अरुण गुप्ता के मार्गदर्शन में छात्राओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी और उनके प्रति आभार व्यक्त किया. छात्राओं ने कहा कि जवान जिस निष्ठा, साहस और समर्पण के साथ देश की सुरक्षा में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, वह युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है.

जवानों ने छात्राओं को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं

बीएसएफ जवानों ने भी छात्राओं के इस स्नेहपूर्ण प्रयास की सराहना की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. राखी बांधने के दौरान विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना देखने को मिली.

राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत रहा आयोजन

कार्यक्रम भावपूर्ण और प्रेरणादायक रहा. आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि राष्ट्रसेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सम्मान, जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करके भी की जा सकती है. रक्षाबंधन का यह आयोजन छात्राओं के लिए यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बन गया.

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By अवधेश कुमार

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