कादोगांव बाजार मुख्य सड़क का पुल बना 'डेथ ट्रैप', संपर्क पथ धंसने से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Bridge Approach Road: ठाकुरगंज प्रखंड के सीमावर्ती क्षेत्र को जोड़ने वाली कादोगांव बाजार मुख्य सड़क पर बना पुल इस वक्त किसी बड़ी दुर्घटना को खुला आमंत्रण दे रहा है, पुल का संपर्क पथ (एप्रोच रोड) पिछले काफी समय से जर्जर और जानलेवा बना हुआ है, जिससे राहगीर दहशत के साये में सफर करने को मजबूर हैं.

पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट

Bridge Approach Road: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां प्रशासनिक उदासीनता के कारण कादोगांव बाजार मुख्य सड़क पर स्थित पुल राहगीरों के लिए मौत का कुआं साबित हो रहा है. इस पुल का संपर्क पथ काफी समय से बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी घटित हो सकती है. इस गंभीर समस्या पर पहले भी समाचारों के माध्यम से संबंधित विभाग को सतर्क किया गया था, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हुए हैं.

पूर्वी हिस्से का संपर्क पथ धंसा, संकरी सड़क पर हिचकोले खा रहे वाहन

इस जर्जर पुल और उससे उत्पन्न खतरों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से सामने आया है:

  • धंस गई है सड़क: स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण पुल के पूर्वी हिस्से का संपर्क पथ पूरी तरह धंस चुका है, सड़क न सिर्फ ऊबड़-खाबड़ हो गई है, बल्कि बेहद संकरी (तंग) भी हो चुकी है.
  • पलटने का खतरा: इस रास्ते से रोजाना गुजरने वाले मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा और छोटे-बड़े वाहन चालकों की परेशानी चरम पर है, धंसी और संकरी सड़क के कारण हिचकोले खाते वाहनों का संतुलन हर पल बिगड़ने और उनके पलटने का खतरा बना रहता है.

सीधे 25 फीट नीचे नदी में गिरने का डर, जान बचना नामुमकिन

सबसे डरावना पहलू: यह पुल और इसका संपर्क पथ अपनी सतह से काफी ऊंचाई पर स्थित है, जिसके नीचे करीब 20 से 25 फीट गहराई में नदी की तेज धारा बहती है. यदि कोई वाहन अनियंत्रित होता है या चालक से जरा सी भी चूक होती है, तो गाड़ी सीधे नीचे नदी में जा गिरेगी, ऐसी स्थिति में किसी भी राहगीर की जान बचना लगभग नामुमकिन हो सकता है.

व्यापार और क्षेत्रीय आवागमन पर पड़ा बुरा असर

कादोगांव बाजार इस सीमावर्ती क्षेत्र का एक प्रमुख और व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र है, इस मुख्य मार्ग की बदहाली का व्यापक असर स्थानीय जनजीवन पर दिख रहा है:

  • व्यापारियों को नुकसान: किसानों और व्यापारियों को अपना माल बाजार तक लाने-ले जाने में भारी वित्तीय और व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
  • चालकों में डर: क्षेत्र के ई-रिक्शा चालक दुर्घटना और गाड़ी पलटने के डर से इस मार्ग पर परिचालन करने से कतराने लगे हैं, जिससे आम यात्रियों की फजीहत बढ़ गई है.

क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा संबंधित विभाग?

प्रशासन से मांग:

स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस विकट समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करा चुके हैं, लेकिन अब तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ और सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले हैं. आक्रोशित ग्रामीणों ने तीखे लहजे में सवाल उठाया कि क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी मानव क्षति या अनहोनी का इंतजार कर रहा है?

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अभियंताओं से अविलंब मांग की है कि बिना किसी देरी के इस धंसे हुए संपर्क पथ की स्थायी मरम्मत कराई जाए, साथ ही पुल के किनारों पर मजबूत बैरिकेडिंग या सुरक्षा रेलिंग की व्यवस्था की जाए ताकि आम जनता का सफर सुरक्षित और बाधारहित हो सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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