भारत-नेपाल सीमा पर गुरुवार की सुबह एक अनोखा उत्साह देखने को मिला. ठाकुरगंज प्रखंड प्रशासन और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के संयुक्त तत्वावधान में नेगराडूबा एसएसबी कैंप से गलगलिया बॉर्डर तक 5 किलोमीटर की मिनी मैराथन दौड़ का सफल आयोजन किया गया. इस दौड़ के माध्यम से सीमावर्ती इलाके के युवाओं और आम नागरिकों को स्वास्थ्य, फिटनेस तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने का प्रेरणादायी संदेश दिया गया.
नेगराडूबा से गलगलिया बॉर्डर तक दिखा जबरदस्त उत्साह
मैराथन की शुरुआत नेगराडूबा एसएसबी कैंप से हुई, जहां प्रतिभागियों ने इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड से गुजरते हुए गलगलिया सीमा तक की 5 किलोमीटर लंबी दूरी तय की. आम दिनों में वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा गश्त के लिए पहचानी जाने वाली इस सीमा सड़क पर सुबह-सुबह कदम मिलाते प्रतिभागियों के जोश ने पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया.
'स्वस्थ जीवनशैली और अनुशासन के लिए खेल जरूरी': बीडीओ
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) आशीष कुमार ने बताया कि इस मिनी मैराथन का मुख्य लक्ष्य लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय रखना और दैनिक जीवन में फिटनेस को बढ़ावा देना है. उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से सीमावर्ती युवाओं में अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेलों के प्रति रुचि जागृत होती है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है.
सीमा क्षेत्र में बेहतर समन्वय और जनभागीदारी का संदेश
एसएसबी जवानों और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम ने सुरक्षा बलों और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल तथा जनभागीदारी की मिसाल पेश की. मैराथन में शामिल प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक दौड़ पूरी कर यह साबित किया कि एक सशक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नियमित शारीरिक गतिविधियां बेहद जरूरी हैं.
