ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Bihar Land Registry New Rate: अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे हजारों परिवारों के लिए शुक्रवार की सुबह महंगी खबर लेकर आई. बिहार सरकार द्वारा न्यूनतम मूल्यांकन पंजी (MVR) की नई दरें लागू किए जाने के बाद अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना पहले की तुलना में अधिक खर्चीला हो जाएगा. ठाकुरगंज समेत पूरे किशनगंज जिले में 19 जून से नई दरें प्रभावी हो गई हैं, जिससे जमीन बाजार में हलचल तेज हो गई है.
अवर निबंधन कार्यालय ठाकुरगंज की ओर से जारी सूचना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की सभी मौजों में MVR को 1.6 गुना तक बढ़ाया गया है. वहीं शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में सरकारी मूल्यांकन दरें दो गुना तक कर दी गई हैं. इसके साथ ही स्टाम्प शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्टाम्प शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 8 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है.
सबसे ज्यादा असर घर बनाने वाले परिवारों पर
ठाकुरगंज और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जो वर्षों की बचत, बैंक लोन या बाहर कमाने वाले परिजनों की मदद से कुछ कट्ठा जमीन खरीदकर घर बनाने का सपना देखते हैं. नई दरें लागू होने के बाद अब उन्हें रजिस्ट्री के लिए पहले से अधिक राशि खर्च करनी पड़ेगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन की बाजार कीमतें पहले ही लगातार बढ़ रही थीं. ऐसे में सरकारी मूल्यांकन और स्टाम्प शुल्क में वृद्धि ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई परिवार जमीन खरीदने की तैयारी में थे, लेकिन अब बढ़े हुए रजिस्ट्री खर्च का नया गणित उन्हें परेशान कर रहा है.
शादी और भविष्य की योजनाओं पर भी पड़ेगा असर
ग्रामीण समाज में जमीन केवल निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक सुरक्षा का माध्यम भी मानी जाती है. माता-पिता अक्सर बच्चों के भविष्य या बेटियों की सुरक्षा के लिए जमीन खरीदते हैं. नई दरों के लागू होने के बाद ऐसे परिवारों को भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्री खर्च बढ़ने से छोटे और मध्यम वर्ग के खरीदारों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि उनके लिए हर अतिरिक्त खर्च महत्वपूर्ण होता है.
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किसानों के लिए छिपी है राहत की खबर
हालांकि इस फैसले का दूसरा पहलू किसानों और भू-स्वामियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है. यदि भविष्य में सड़क, रेलवे, एक्सप्रेसवे या किसी अन्य सरकारी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण होता है तो नई MVR दरों के आधार पर मुआवजे की राशि भी पहले की तुलना में अधिक मिल सकती है.
किशनगंज और ठाकुरगंज क्षेत्र में संभावित विकास परियोजनाओं को देखते हुए कई किसान इसे सकारात्मक बदलाव के रूप में भी देख रहे हैं.
Bihar Land Registry New Rate: जमीन बाजार में बढ़ी चर्चा
नई दरों की घोषणा के बाद ठाकुरगंज, गलगलिया, पौआखाली और आसपास के इलाकों में जमीन कारोबार से जुड़े लोगों के बीच चर्चा का माहौल है. लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी जमीन का नया सरकारी मूल्यांकन कितना होगा और रजिस्ट्री पर कितना अतिरिक्त खर्च आएगा.
करीब एक दशक बाद हुए इस बड़े बदलाव ने जहां सरकार के राजस्व में वृद्धि का रास्ता खोला है, वहीं आम लोगों के लिए जमीन और मकान का सपना थोड़ा और महंगा कर दिया है.
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