नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, नेपला के सर्बिया पहुंचने पर ठग फरार
पानीटंकी के पुराने मेची पुल पर नियमित जांच के दौरान कार्रवाई, पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट और विदेशी सिम कार्ड बरामदगलगलिया के प्रतिनिधि के अनुसार
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने एक बार फिर अपनी सतर्कता का परिचय देते हुए नेपाल से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 41वीं वाहिनी एसएसबी की सीमा खुफिया टीम (बीआईटी) द्वारा पानीटंकी स्थित पुराने मेची पुल पर नियमित जांच अभियान के दौरान की गई.
जानकारी के अनुसार, एसएसबी जवान सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच कर रहे थे. इसी दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं. जवानों ने उसे रोककर पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की. जांच के दौरान वह बांग्लादेश का नागरिक निकला, जिसके पास भारत में प्रवेश करने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं था. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नंदन दास (38 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के मदारीपुर जिले के उमेदपुर गांव का निवासी है.तलाशी के दौरान उसके पास से एक बांग्लादेशी पासपोर्ट, बांग्लादेश से नेपाल की फ्लाइट टिकट, दो बांग्लादेशी एवं एक नेपाली सिम कार्ड लगा मोबाइल फोन तथा 2,580 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई. पूछताछ में नंदन दास ने जो कहानी बताई, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मानव तस्करी और फर्जी रोजगार नेटवर्क की ओर इशारा करती है. उसने बताया कि फरवरी 2026 में एक एजेंट ने उसे सर्बिया में रोजगार दिलाने का झांसा दिया था.
इस सपने को सच मानकर उसने एजेंट को तीन से पांच लाख रुपये तक का भुगतान किया और नेपाल पहुंच गया. लेकिन नेपाल पहुंचने के बाद एजेंट ने संपर्क तोड़ लिया और फरार हो गया. ठगी का शिकार होने के बाद वह नेपाल के पोखरा शहर में मजदूरी कर अपना जीवनयापन करने लगा. करीब दो महीने तक वहां काम करने के बाद उसने भारत के रास्ते अपने देश बांग्लादेश लौटने का निर्णय लिया. इसी क्रम में वह नेपाल से भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था, तभी एसएसबी की सतर्क निगाहों ने उसे पकड़ लिया.एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है. संदिग्ध विदेशी नागरिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने तथा उसे संबंधित एजेंसियों के सुपुर्द करने की कार्रवाई जारी है. सीमा सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल एक अवैध घुसपैठिए की गिरफ्तारी भर नहीं, बल्कि सीमा पार सक्रिय संदिग्ध नेटवर्कों की गतिविधियों पर भी महत्वपूर्ण संकेत देती है. भारत-नेपाल सीमा पर लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी के बीच एसएसबी की यह कार्रवाई सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी सफलता मानी जा रही है.
