टेढ़ागाछ-बहादुरगंज मुख्य सड़क बनी लाइफ थ्रेटनिंग, प्रधानमंत्री मार्ग के गड्ढों में जलजमाव से बढ़ी दुर्घटनाएं

PMGSY Road Damaged: किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय को बहादुरगंज से जोड़ने वाली अति-महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री सड़क (PMGSY Route) इन दिनों अपनी बदहाली के चरम पर है. हल्की बारिश के बाद ही सड़क के बीचों-बीच बने जानलेवा गड्ढों में गंदा पानी भर गया है, जिससे विजिबिलिटी खत्म होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं.

PMGSY Road Damaged: बिहार के सीमावर्ती किशनगंज जिले में ग्रामीण और मुख्य संपर्क सड़कों के निर्माण में तकनीकी सुस्ती और विभागीय लापरवाही आम राहगीरों की जान पर भारी पड़ने लगी है. टेढ़ागाछ प्रखंड मुख्यालय से बहादुरगंज अनुमंडल को जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री सड़क इन दिनों बड़े-बड़े खाईनुमा गड्ढों के कारण राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का सबब (मुसीबत) बन चुकी है. प्री-मानसून की हल्की बारिश होते ही इस लाइफलाइन मार्ग पर बने गहरे गड्ढों में जलजमाव हो गया है. पानी से लबालब भरे इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को सड़क की गहराई का कड़ा अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे इस मार्ग पर हादसों का ग्राफ एकाएक बढ़ गया है.

JPCL कंपनी के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में घोर सुस्ती; रोजाना फंस रहे हैं मरीज और बच्चे

  • धरातल पर चल रहा है काम, फिर भी नरक: वर्तमान में इस लाइफलाइन मार्ग पर पथ निर्माण विभाग (RCD) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन जेपीसीएल (JPCL) कंपनी द्वारा सड़क चौड़ीकरण और निर्माण का कार्य कराया जा रहा है. लेकिन कंपनी के संवेदक (ठेकेदार) द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और डाइवर्शन पर रोलिंग न कराए जाने के कारण स्थिति बदतर हो गई है.
  • गड्ढों का जानलेवा जाल: हल्की फुहारें पड़ते ही पूरी सड़क पर फिसलन और जलजमाव हो जाता है. गड्ढों के भीतर बाइक और ई-रिक्शा के एक्सेल टूटने से प्रतिदिन मुख्य रास्ता घंटों जाम रहता है.
  • आपातकालीन सेवाएं प्रभावित: इस मुख्य मार्ग से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, गंभीर मरीज और ब्लॉक-अंचल कार्यालय के कर्मी गुजरते हैं, जिन्हें इस प्रशासनिक लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है.

“सड़क पर तत्काल डाला जाए बेड मटेरियल”; ग्रामीणों ने डीएम से लगाई कड़क गुहार

सकते में डाल रही हैं दुर्घटनाएं: स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि आए दिन रात के अंधेरे में बाइक सवार इन छिपे हुए गड्ढों में अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं, जिससे कई लोगों के हाथ-पैर टूट चुके हैं. यदि मानसून की मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, तो यह पूरी सड़क पूरी तरह से नदी में तब्दील हो जाएगी और टेढ़ागाछ का बहादुरगंज से संपर्क पूरी तरह भंग हो जाएगा.

प्रभावित ग्रामीणों और स्थानीय त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों ने किशनगंज के जिला पदाधिकारी (DM) से इस गंभीर जन-समस्या पर तत्काल हस्तक्षेप करने की पुरजोर मांग की है.

  1. तात्कालिक रिपेयरिंग: जिला प्रशासन आरसीडी विभाग के कनीय अभियंता को कड़ा निर्देश देकर निर्माणाधीन सड़क के तमाम जानलेवा गड्ढों में बेड मटेरियल (मिट्टी-राबिश) और कंक्रीट का मसाला डलवाकर रोलर चलवाए, ताकि आवागमन तत्काल सुलभ हो सके.
  2. कार्य में तेजी: जेपीसीएल (JPCL) कंपनी को अल्टीमेटम देकर निर्माण कार्य की कछुआ गति में सुधार कराया जाए और मानसून से पहले बेस तैयार करने की कड़क हिदायत दी जाए.

स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की अस्थाई मरम्मत नहीं कराई गई, तो किसी बड़ी और जानलेवा दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी पूरी जवाबदेही स्थानीय प्रशासन और निर्माण एजेंसी की होगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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