किशनगंज : मानव तस्करी, बाल विवाह, बाल मजदूरी और नशे के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोलपारा क्षेत्र में जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यक्रम का आयोजन सीमा सुरक्षा बल, राहत संस्था और आई पार्टनर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया.
रोजगार के नाम पर ठगी और तस्करी से सावधान रहने की अपील
कार्यशाला में सीमा सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर लक्ष्मीधर स्वाईं ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों से रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को कई बार दलालों द्वारा ठगी और मानव तस्करी का शिकार बनाया जाता है.
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल सुरक्षा बलों को सूचना दें.
बच्चों की पढ़ाई पर दें विशेष ध्यान
राहत संस्था की सचिव डॉ. फरज़ाना बेगम ने कहा कि बाल विवाह और बाल मजदूरी रोकने के लिए बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मजदूरी कराने के बजाय उन्हें पढ़ाई का अवसर देने की अपील की.
उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
नशे के दुष्प्रभावों को लेकर भी किया जागरूक
सीमा सुरक्षा बल की महिला कांस्टेबल प्रतिभा ने ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की.
एसआई देशराज ने कहा कि बाहरी दलाल रोजगार, पढ़ाई और बेहतर भविष्य का झांसा देकर बच्चों और परिवारों को गुमराह कर सकते हैं. ऐसी गतिविधियों की जानकारी समय पर संबंधित सुरक्षा एजेंसी को देना जरूरी है.
बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा पर जोर
राहत संस्था की मालामिका और यास्मीन परवीन ने भी बाल मजदूरी और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलायी. उन्होंने बच्चों की शिक्षा और बेटियों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया.
कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों से मानव तस्करी, बाल विवाह और बाल मजदूरी रोकने, नशे से दूर रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित सुरक्षा एजेंसी को देने की अपील की गयी.
