किशनगंज में नाबालिग के शव के पोस्टमार्टम में देरी पर भड़का आक्रोश, रात में सड़क पर बैठे लोग, हुआ प्रदर्शन
किसी भी बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजन बेचैन हो जाते हैं. एक 13 वर्षीय लड़की की मौत के बाद न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुआ
शहर के डुमरिया स्थित मनोज साहा की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की कथित हत्या के विरोध में सोमवार की रात स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा.
किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
शहर के डुमरिया स्थित मनोज साहा की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की की कथित हत्या के विरोध में सोमवार की रात स्थानीय लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा. पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग और पोस्टमार्टम में हो रही देरी के विरोध में घटना से आक्रोशित लोगों ने सोमवार रात सदर अस्पताल के समीप जोरदार हंगामा किया और गांधी चौक जाने वाले मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया. सड़क जाम और हंगामे के कारण पूरे इलाके में काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. आक्रोश का मुख्य कारण पुलिस और प्रशासन का वह कथित फैसला रहा, जिसमें शव का पोस्टमार्टम रात के बजाय अगले दिन सुबह कराने की बात कही गई थी. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें देरी नहीं की जानी चाहिए.
क्या था मामला :
डुमरिया भट्टा निवासी मनोज साह की 13 वर्षीय पुत्री मेघा कुमारी बीते 28 मई की शाम करीब 4 बजे अपने घर से यह कहकर निकली थी कि वह पास के मैदान में टहलने जा रही है. जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. किशोरी के लापता होने के बाद परिवार के सदस्य लक्ष्मण कुमार साह ने स्थानीय टाउन थाने में आवेदन देकर उसकी सकुशल बरामदगी की गुहार लगायी थी. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी. इसी दौरान सोमवार को माझिया नदी के किनारे किशोरी का शव मिलने की सूचना सामने आ गयी.
घटनास्थल पर उमड़ी भारी भीड़, रो-रोकर बुरा हाल :
नदी किनारे शव मिलने की सूचना मिलते ही बच्ची के परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे और मृतका की पहचान मेघा के रूप में की. घटना की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.