20 मई को जिले की सभी दवा दुकानें रहेंगी बंद

20 मई को जिले की सभी दवा दुकानें रहेंगी बंद

ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल

नकली दवाओं व कॉरपोरेट एकाधिकार के खिलाफ लामबंद हुए व्यवसायी

किशनगंज. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन तथा बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई 2026 को किशनगंज जिले की सभी दवा दुकानें बंद रहेंगी. यह हड़ताल देशभर में दवा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर की जा रही है. जिले के दवा व्यवसायियों ने इस बंदी को पूरी तरह सफल बनाने का निर्णय लिया है. हड़ताल की मुख्य मांगों में ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक, कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा भारी छूट देकर छोटे दवा व्यवसायियों को नुकसान पहुंचाने का विरोध तथा नकली दवाइयों की बिक्री पर सख्त नियंत्रण शामिल है. दवा व्यवसायियों का कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से बिना पर्याप्त जांच के दवाइयों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है. वहीं बड़े कॉरपोरेट घरानों द्वारा भारी डिस्काउंट देकर छोटे मेडिकल दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित किया जा रहा है. संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि कोविड काल के दौरान लागू किए गए जीएसआर 220 प्रावधान को तुरंत वापस लिया जाए.उनका आरोप है कि इस नियम के कारण दवा व्यापारियों के सामने कई व्यावहारिक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं. किशनगंज दवा विक्रेता संघ के सचिव जंगी प्रसाद दास ने बताया कि यदि समय रहते सरकार ने इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया तो छोटे दवा व्यवसायियों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है. इस हड़ताल को प्रभावी एवं सफल बनाने के लिए किशनगंज डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव जंगी प्रसाद दास, कोषाध्यक्ष संजय कुमार जैन तथा कार्यकारिणी सदस्य मो ताहिर हुसैन ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर दवा दुकानदारों से समर्थन मांगा. पदाधिकारियों ने दिघलबैंक, बहादुरगंज, ठाकुरगंज, कोचाधामन, पोठिया, पौआखाली, बेलवा, छतरगाछ, कन्हैयाबाड़ी, टप्पू, बिशनपुर, तुलसिया, हरुआडांगा व लोहागाड़ा सहित जिले के कई इलाकों का भ्रमण किया.

दौरे के दौरान संघ के नेताओं ने दवा व्यवसायियों से 20 मई को अपनी दुकानें पूर्णतः बंद रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापारियों के हित के लिए नहीं, बल्कि आम लोगों को नकली व अनियंत्रित दवाओं से बचाने के लिए भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि यदि ऑनलाइन व अनियमित दवा बिक्री पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो भविष्य में इसका गंभीर असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा. संघ के पदाधिकारियों ने जिले के सभी दवा दुकानदारों से एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है. साथ ही आम लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा गया है कि आवश्यक दवाइयों की खरीदारी हड़ताल से पहले ही कर लें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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By AWADHESH KUMAR

AWADHESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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