किशनगंज के प्रतिनिधि के अनुसार
आगामी मॉनसून व संभावित बाढ़ की स्थिति के मद्देनज़र जिले में राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी एवं त्वरित रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन एवं भारतीय सेना के अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिला प्रशासन की ओर से सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी आदित्य कुमार सिंह तथा बेंगडुबी मिलिट्री स्टेशन से आए सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.बैठक के दौरान संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई. विशेष रूप से नावों की उपलब्धता, उनकी समय पर तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान तथा सेना के विशेष रेस्क्यू दलों के सहयोग से बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. सेना के अधिकारियों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति अथवा बाढ़ की स्थिति में भारतीय सेना राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूर्णतः तैयार है तथा जिला प्रशासन को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.
बैठक में सेना एवं जिला प्रशासन के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक सुदृढ़ एवं प्रभावी संचार तंत्र विकसित करने पर विशेष बल दिया गया, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में बिना विलंब के आवश्यक सहायता प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई जा सके. इसके अतिरिक्त राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचने के लिए दोनों पक्षों के बीच जमीनी स्तर पर निरंतर संपर्क एवं तालमेल बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई.बैठक के अंत में अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा प्रबंधन) आदित्य कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन संभावित बाढ़ एवं आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है. सेना के साथ स्थापित यह समन्वय जिले की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक सुदृढ़ करेगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
