किशनगंज जिले के पौआखाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एलआरपी चौक स्थित एक निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर और नर्सिंग होम की गंभीर कारगुजारी ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है. गर्भ में पल रहे मासूम को कथित तौर पर 'बेटी' बताकर गर्भपात कराने की सलाह दी गई, लेकिन गर्भपात के बाद सामने आया कि वह मासूम 'बेटा' था. गलत जानकारी और लिंग परीक्षण के इस गैरकानूनी खेल में एक अजन्मी जिंदगी दुनिया में आने से पहले ही खत्म हो गई.
₹3,500 लेकर दी गई थी 'बेटी' होने की रिपोर्ट
पीड़ित परिजनों के अनुसार, करीब डेढ़-दो सप्ताह पहले क्षेत्र की एक गर्भवती महिला पौआखाली स्थित पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर में जांच कराने पहुंची थी. आरोप है कि वहां मौजूद व्यक्ति ने ₹3,500 की अवैध फीस लेकर भ्रूण के लिंग की पहचान की और पेट में लड़की होने का दावा किया.
महिला की पहले से ही 6 बेटियां हैं. परिवार की आर्थिक तंगी और सामाजिक दबाव के बीच जैसे ही परिजनों को दोबारा बेटी होने की बात पता चली, वे गहरे सदमे में आ गए. आरोप है कि इसी दौरान अल्ट्रासाउंड और वहीं पास में संचालित नर्सिंग होम के लोगों ने परिजनों को किशनगंज ले जाकर गर्भपात (Abortion) कराने का दबाव और सलाह दी.
गर्भपात के बाद सच आया सामने, उड़े होश
परिजनों की सहमति से महिला को किशनगंज ले जाकर गर्भपात करा दिया गया. लेकिन जब सच सामने आया तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई. जिसे रिपोर्ट में बेटी बताया गया था, वह वास्तव में बेटा था. एक गलत पहचान, फर्जी जांच और गैरकानूनी सलाह के कारण एक निरपराध बच्चे की जान चली गई.
ADM और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुरू की जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को किशनगंज के अपर समाहर्ता (ADM) और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम पौआखाली पहुंची.
जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से पूछताछ की और स्थिति का जायजा लिया:
- अल्ट्रासाउंड सेंटर व नर्सिंग होम सील/बंद: प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही पटना अल्ट्रासाउंड सेंटर और संबंधित क्लिनिक/नर्सिंग होम में ताला लटका मिला. संचालक और कर्मी मौके से फरार हैं.
- कड़ी कार्रवाई की मांग: मौके पर मौजूद जदयू नगर अध्यक्ष हबीबुर रहमान ने जांच टीम के समक्ष पूरा घटनाक्रम रखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
भारत में गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच करना (Sex Determination) और इसके आधार पर गर्भपात कराना कन्या भ्रूण हत्या और पीसीपीएनडीटी कानून के तहत एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है.
प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट आते ही अवैध रूप से संचालित इस अल्ट्रासाउंड सेंटर, क्लिनिक और इसमें शामिल फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
