परेशानी. कुतुवाभीट्ठा गांव में लगी भीषण आग से गांव में अफरा-तफरी का माहौल
घटना स्थल पर पहुंचे सीओ, पीड़ितों को बंधाया ढांढ़स.
दिघलबैंक : दिघलबैंक प्रखंड के सतकौआ पंचायत के कुतवा भिट्ठा गांव में रविवार दिन के 11 बजे अचानक आग लग गयी.और कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया.आग की इस विनाश लीला में 100 से अधिक घर राख के ढेर में तब्दील हो गया.घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों के मुताबिक महफूज आलम के घर में खाना बनाने के कर्म में उठी चिंगारी ने पूरे गांव में चीख-पुकार मचा दी.जिसने भी आग की लपटें और उठ रहे धुएं के गुब्बार को देखा घटना स्थल की और दौर पड़े.लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी की भीषण तपिश के कारण लोगों को आग पर काबू पाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी.
सूचना के उपरांत दिघलबैंक थाने में तैनात फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचीं तथा स्थानीय लोगों ने बोरिंग चालू कर किसी तरह आग पर काबू पाया.लेकिन तब-तक 35 परिवारों के कुल 136 छोटे-बड़े घर जल कर राख के ढेर में तब्दील हो गये. जबकि दो लोग सईद अली (70वर्ष) एवं महफूज आलम (50 वर्ष)के अलावे दो बच्चे भी आग की चपेट में आने से घायल हो गए. अगलगी की घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.लोग अपने घरों से कुछ भी बाहर नहीं निकाल पाये.
घटना के उपरांत अंचल अधिकारी श्री राकेश ने पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री और अन्य चीजों का वितरण किया इस दरम्यान स्थानीय जिला पार्षद गणेश मुर्मू,मुखिया प्रतिनिधि मो इब्राहिम,पंचायत समिति प्रतिनिधि मो नजरुल के अलावे पुलिस पदाधिकारी और अंचल कार्यालय के कर्मी मौजूद थे.
मुखिया व पंसस ने अग्नि पीड़ितों के बीच बांटी राहत सामग्री : रविवार को कुतवाभिट्ठा गांव में लगी आग के बाद अग्नि पीड़ितों की मदद के लिए लोगों ने अपने हाथ बढ़ाए. स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि मो इब्राहिम और पंसस प्रतिनिधि मो नजरुल ने पीड़ित परिवारों के बीच तत्काल चूड़ा, गुड़,पॉलीथिन शीट और अन्य चीजों का वितरण किया.
इसके अलावे कई आवश्यक समान भी निजी तौर पर दिया गया. जबकि प्रशासनिक स्तर से भी राहत कार्य चलाये जा रहें है. अंचल अधिकारी श्री राकेश ने बताया कि पीड़ित परिवारों की सूचि तैयार कर उन्हें आवश्यक सामग्री और राशि का वितरण किया जायेगा.
दमकल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे दिघलबैंक थानाध्यक्ष : जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर बसे दिघलबैंक प्रखंड में आज भी आग पर काबू पाने के समुचित साधन उपलब्ध नही है.लाखों की आबादी वाले इस प्रखंड में मात्र 500 लीटर की क्षमता वाला एक अग्निशामक वाहन उपलब्ध कराया गया है जो की नाकाफी है.
हालांकि रविवार की इस घटना में इस फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने बखूबी अपना रोल निभाया. दिघलबैंक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार को जैसे ही घटना की सूचना मिली उन्होंने तुरंत वाहन को मौके के लिए रवाना किया. पर्याप्त क्षमता के दमकल की गाड़ी की तैनाती की मांग पूर्व प्रमुख नादिर आलम ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बरसात के मौसम तक दिघलबैंक में दमकल की बड़ी गाड़ी की तैनाती हो.
जिला मुख्यालस से चला अग्निशमन दस्ता पहुंचा विलंब से :
आगलगी की घटना की सूचना जैसे ही लोगों की मिली मौके पर लोगों की भारी भीड़ उमर पड़ी.दिघलबैंक थाना में पूर्व से मौजूद फायर ब्रिगेड तो घटना स्थल पर पहुंच गया लेकिन उसकी क्षमता बहुत कम होने के कारण जिला मुख्यालय से आये दमकल की गाड़ी ससमय घटना स्थल तक नही पहुंच पायी. पहले ये गाड़ी दिघलबैंक थाना गयी जहां से सही लोकेशन के बाद भी ख़राब रास्ता के कारण इसे हांड़ीभिठा में ही रुकना पड़ा तब तक आग अपना काम कर चुकी थी.
देखते ही देखते आग की ढेर में तब्दील हो गये 136 आशियाने : लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में
मशहूर शायर बशीर बद्र की इस रचना को कुतवाभिट्ठा के लोगों ने रविवार को काफी नजदीक से महसूस किया.जब एक चिंगारी ने बस्ती के 136 घरों को अल्प समय में ही स्वाहा कर दिया और रही सही कसर तेज हवा ने पूरी कर दी. लोग समझ नहीं पाए की आखिर ये क्या हो गया.
