कार्रवाई . कंचनजंघा एक्सप्रेस से दूसरे राज्यों में ले जाये जा रहे थे बच्चे
दूसरे राज्यों में मजदूरी के लिए ले जाये जा रहे बच्चों को चाइल्ड लाइन के सहयोग से जीआरपी ने मुक्त कराया. इस मामले में नौ दलालों को भी गिरफ्तार किया गया है.
किशनगंज : बाल मजदूरी करवाने की नीयत से ले जाये जा रहे 31 बच्चों को जीआरपी ने अपनी विशेष कार्रवाई में मुक्त करा लिया और उनके साथ चल रहे नौ दलालों को गिरफ्तार कर लिया. नेपाल, बांग्लादेश व बंगाल की सीमा पर स्थित सीमांचल के इस सबसे पिछड़े में दलालों को आसानी से शिकार मिल जाता है, जिसका फायदा वे बखूबी उठाते हैं. मानव व्यापार के सबसे बड़े चरागाह के रूप में चर्चित जिला में कई बार ऐसे बच्चों को मुक्त करवाया गया है लेकिन जागरूकता का अभाव एवं पेट की आग बुझाने की बेवसी मानव व्यापार को फलने फूलने में मददगार साबित हो रही है़ चाइल्ड लाइन के
जिला समन्वयक पंकज कुमार झा ने इस बाबत कहा कि गुप्त सूचना मिली थी कि कंचनकन्या एक्सप्रेस से कुछ दलाल तीन दर्जन नाबालिग बच्चे को दूसरे राज्यों में ले जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे है़ं सूचना मिलते ही कालेब समन्वयक आसिफ सरवर, शादिक, जफर, सवीह के साथ स्टेशन पहुंच कर रेल पुलिस से संपर्क कर छापेमारी की गयी, जिसमें कुल 31 बच्चों को मुक्त करवाया गया एवं चकमा देकर भागने की फिराक में नौ दलालों को भी दबोच लिया गया़
उन्होंने कहा कि पूछताछ में दलालों ने स्वीकार किया कि सभी बच्चों को कोलकाता के ईद-गिर्द जींस पेंट की रंगाई के काम में लगाया जाना था़ उन्होंने कहा कि सभी बच्चे बंगाल एवं किशनगंज के है़ं मुक्त कराये गये बच्चों में असरारूल हक, तौकीर रेजा, तौसीफ रेजा, रेहान अख्तर, अजीफुर हक, मुजफ्फर हुसैन, तहसीन, हसीब, अकबर, गफुर आलम सहित 31 शामिल है़ं
दबोचे गये दलाल रईकुद्दीन, जलील, अंजुम अहकर अली, मो आजाद, वसीरूल इस्लाम, सोहेल, शहबाज, नजमुल एवं अनवारूल को जीआरपी ने कांड संख्या 45/16 धारा 310, 319 एवं 13/26 जुबेनवाइल जस्टिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है़
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ करते जीआरपी के पदाधिकारी व मुक्त किये गये बच्चे.
