बीडीओ ने विद्यालय का किया औचक निरीक्षण

दिघलबैंक : सरकारी विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा दिये जाने वाले लाखों रुपये की राशि को विद्यालय के प्रधान शिक्षक कैसे डकार जाते हैं. इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हुआ जब बीडीओ नर्मदेश्वर झा उत्क्रमित मध्य विद्यालय भारटोली तुलसिया का औचक निरीक्षण करने गये़ बीडीओ श्री झा ने बताया कि स्कूल की व्यवस्था काफी […]

दिघलबैंक : सरकारी विद्यालयों में शिक्षा विभाग द्वारा दिये जाने वाले लाखों रुपये की राशि को विद्यालय के प्रधान शिक्षक कैसे डकार जाते हैं. इसका खुलासा मंगलवार को उस समय हुआ जब बीडीओ नर्मदेश्वर झा उत्क्रमित मध्य विद्यालय भारटोली तुलसिया का औचक निरीक्षण करने गये़ बीडीओ श्री झा ने बताया कि स्कूल की व्यवस्था काफी खराब स्थिति में थी़ समय पर शिक्षक स्कूल नहीं आते हैं.

जिससे छात्र-छात्राओं के पठन पाठन बाधित होता है. विद्यालय में उपस्थित बच्चों की संख्या से अधिक हाजिरी रजिस्टर पर अंकित मिली. एमडीएम भी मीनू के मुताबिक नहीं बना था़ जब विद्यालय प्रधान शिक्षक मनोज कुमार सिन्हा से एमडीएम रजिस्टर की मांग की गयी तो वह रजिस्टर दिखाने में आनाकानी करने लगा़ फिर बताया कि रजिस्टर घर पर है़ इससे साफ नजर आ रहा है कि रजिस्टर में गड़बड़झाला है़ उन्होंने बताया कि

विद्यालय के बच्चों के लिए वर्ष 2013-14 में ही छात्रवृत्ति की राशि आ गयी है़ मगर अब तक वितरण नहीं किया गया़ दो वर्ष बीत जाने के बाद भी राशि का वितरण नहीं होना कई प्रश्न को जन्म देता है़ बीडीओ श्री झा ने कहा कि विद्यालयों में सरकार राशि का ससमय और पूरी पारदर्शिता के साथ नहीं किया गया तो संबंधित प्रधान शिक्षकों पर कार्रवाई की जायेगी़

क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों का न आने का समय और न जाने का. विद्यालय में पदस्थापित कई शिक्षक-शिक्षिका सप्ताह भर गायब रहते हैं और फिर हाजिरी बना लेते हैं. ग्रामीणों द्वारा जब शिक्षक-शिक्षिका से पूछा जाता है तो वे उल्टे केस करने की धमकी देते हैं. महीनों विद्यालय नहीं आने पर एक शिक्षिका के खिलाफ हमलोंगो ने बीडीओ से लिखित शिकायत की थी. लेकिन इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में पठन-पाठन के बजाय शिक्षक-शिक्षिका आपस में झगड़ते रहते है.
कहते हैं प्रधान शिक्षक
प्रधान शिक्षक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि विद्यालय सुव्यस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है. जहां तक शिक्षकों के देर से विद्यालय पहुंचने की बात है तो इसके लिए शिक्षकों को पूर्व से चेतावनी दी जा चुकी है. कतिपय सहायक शिक्षक मुझपर नाजायज दबाव बनाने के लिए साजिश रचते रहते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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