त्रासदी. बाढ़ का पानी कई इलाकों मेें अब भी प्रवेश कर रहा है, लोगों में दहशत
सैकड़ों परिवार विद्यालयों और दूसरों के घरों में रूके हुए है़ं गृहस्थी का समान लेकर लोगों को सुरक्षित स्थानों में जाना पड़ा है़
दिघलबैंक : विनाशकारी बाढ़ के बाद सैकड़ों परिवार तेज बारिश में भी खुले आसमान के नीचे ही जीवन बीताने को मजबूर है़ बाढ़ से अधिक प्रभावित गांव सिंघिमारी पंचायत के दर्जनों गांव, राहीमुनी, पलसा, दुर्गापुर, लोहागाड़ा पंचायत के लोहागाड़ा, कंचनबाड़ी, तालगाछ, पत्थरघट्टी पंचायत के ग्वालटोली, लक्ष्मीपुर, सतकौटा, वहीं करूवामनी पंचायत के बालुबाड़ी, सुरीभीट्ठा, इकड़ा, ताराबाड़ी, मीरभीट्ठा, अठगछिया पंचायत के दर्जनों गांव इस बाढ़ से पीडि़त है़ं जहां सैकड़ों लोग बेघर है़ं
हाल राहीमुनी, मंदिर टोला एवं पलसा गांव की
इस गांव के पीड़ित परिवार प्राथमिक विद्यालयों व खुले आसमान के नीचे अपने मवेशियों के साथ रह रहे है़ं प्रखंड के पश्चिमी छोड़ पर बहने वाली कनकई नदी का जल स्तर कम होने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है़ मगर अभी भी सैकड़ों परिवार विद्यालयों और दूसरों के घरों में रूके हुए है़ प्रखंड के पूरबी एवं पश्चिमी क्षेत्र बाढ़ के चलते चारों ओर तबाही का आलम है़ लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है़ सैकड़ों परिवारों के घर गिर गये़ पानी के चलते नाव के सहारे लोगों को अपनी गृहस्थी का समान लेकर सुरक्षित स्थानों में जाना पड़ा है़ उनकी तो गृहस्थी ही एक तरह से उजड़ गयी है़ प्रशासन भी पीडि़त परिवारों को सुरक्षित रखने एवं भोजन की व्यवस्था में लगी हुई है़ त्रासदी छोटा मोटा नहीं है़
जान जोखिम में डाल कर करते हैं चचरी पुल पार
पश्चिमी क्षेत्र को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली लाइफ लाइन सड़क हरीभीट्ठा-सिंघिमारी सड़क इस बाढ़ में हरीभीट्ठा पुल को कई जगहों से काट दिया़ अब उस बहती नदी के धारा पर चचरी पुल का निर्माण किया गया़ जिस पर लोग मोटी रकम देकर आवागमन कर रहे है तथा उस चचरी के पुल का टूटने या पानी में बहने का खतरा बना रहता है़
