जीरो नंबर मिला, पर बना कंप्यूटर ऑपरेटर
किशनगंज : पद कार्यपालक सहायक अर्थात कंप्यूटर ऑपरेटर का, पर, विडंबना देखिये जिसे कंप्यूटर का भी ज्ञान नहीं है और कंप्यूटर दक्षता परीक्षा में शून्य अंक मिले हैं उसका भी नाम मेधा सूची में शामिल है़ जिला प्रशासन ने कार्यपालक सहायक पद के लिए विगत शनिवार को जो मेधा सूची जारी की है. उससे स्पष्ट […]
किशनगंज : पद कार्यपालक सहायक अर्थात कंप्यूटर ऑपरेटर का, पर, विडंबना देखिये जिसे कंप्यूटर का भी ज्ञान नहीं है और कंप्यूटर दक्षता परीक्षा में शून्य अंक मिले हैं उसका भी नाम मेधा सूची में शामिल है़ जिला प्रशासन ने कार्यपालक सहायक पद के लिए विगत शनिवार को जो मेधा सूची जारी की है. उससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि मेधावी अभ्यर्थियों का गला घोंटा गया है़ यह कहना है पूर्व विधायक सिकंदर सिंह का.
उन्होंने कहा कि अजब परीक्षा का गजब परिणाम है. उन्होंने कहा कि परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र का निर्माण समाहरणालय में, परीक्षा भी समाहरणालय ने ली और कॉपी की जांच भी समाहरणालय में हुई और परिणाम जो आया वो सबके सामने है. अब आश्चर्य तो यह है कि इस गड़बड़ झाले की जांच भी समाहरणालय के पदाधिकारी कर रहे हैं तो फिर प्रतिभावान अभ्यर्थियों को न्याय कहां से मिलेगा. उन्होंने मांग की है कि इस मामले की एसआइटी द्वारा की जांच करायी जाये एवं दोषियों को बख्शा नहीं जाये.
पूर्व विधायक सिकंदर सिंह ने की एसआइटी जांच की मांग
मामले की जांच कर रहे हैं समाहरणालय के पदाधिकारी
हो गया चुनाव, पर नहीं आती हिंदी टाइपिंग
कंप्यूटर दक्षता में शून्य अंक लानेवाले को भी मेधा सूची में शामिल किये जाने के सवाल पर जिला स्थापना प्रशाखा का कहना है कि आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए लिखित परीक्षा में मिले अंक के आधार पर मेधा सूची में शामिल किया गया है़ टॉपर अभ्यर्थी जिसका कंप्यूटर टाइपिंग स्पीड मेधा सूची में 23 शब्द प्रति मिनट दिखाया गया है, जबकि वास्तव में उसका टाइपिंग स्पीड आठ शब्द प्रति मिनट है.