ग्रामीणों को मानव तस्करी और भ्रूणहत्या जैसे िवषयों पर जागरूक किया गय
ठाकुरगंज : एसएसबी 19 वीं वाहिनी के रामधनजोत बीओपी के सौजन्य से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. इस मुहिम में सीमावर्ती ग्रामवासियों की भूमिका सुनिश्चित की है. इस दौरान सीमा पर अवस्थित ग्रामीणों को बेटियों के महत्व पर जानकारी देते हुए मानव
तस्करी और भ्रूणहत्या जैसे बिषयों पर जागरूक किया गया़ इस दौरान कार्यवाहक सेना नायक आरएस रावत ने ग्रामीणों से बेटे और बेटियों के बीच भेदभाव को खत्म करने का आह्वान किया और कहा ऐसा करके ही कन्या भ्रूण हत्या को रोका जा सकता है़ गर्भ में ही बच्चियों की हत्या करने के मामले को आने वाली पीढ़ी के लिए नुकसान दायक बताते हुए श्री रावत ने कहा भ्रूण हत्या ही करते रहेंगे तो बेटे के लिए बहु कहां से लाऐंगे. बेटी बचाओं,
बेटी पढ़ाओं अभियान आम लोगों को जागरूक कर सफल बनाया जा सकता है. भ्रूण हत्या के प्रति समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने की आवश्यकता है.एक कविता के जरिये बेटियों के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा ओ माताओं, बहनों, बेटियों – दुनिया की जन्नत तुमसे है, मुर्दों की बस्ती हो तुम,कौमों की इज्जत तुमसे है़ बेटियों के महत्व को दर्शाते हुए देश के कई ऐसे गांवो का जिक्र कार्यवाहक सेना नायक ने किया जहां गांव में बेटी
होने पर आनंदोत्सव मनाया जाता है और ऐसे प्रत्येक मोके पर पांच पेड़ लगाए जाते है़ं इस दौरान ग्रामीणों को बालिकाओं के लाभ के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए सुकन्या समृधि योजना की जानकारी भी दी गई़ कार्यक्रम में निरीक्षक के के सेमा , उपनिरीक्षक अरविन्द कुमार , सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द कुमार , भोला राम , रवि छेत्री और दयानंद कुसुवा भी मोजूद थे़
