विराेध. लचर सरकारी व्यवस्था में सुधार नहीं हुई तो
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक अख्तरूल ने बुधवार को स्थानीय चुड़ीपटी स्थित अपने आवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इंसाफ का पैमाना बदल गया है़
किशनगंज : सीमांचल में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क की स्थिति बदहाल है़ बेरोजगारी के कारण लोगों का पलायन जारी है़ यह बातें एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक अख्तरूल ने कही़ बुधवार को श्री ईमान ने स्थानीय चुड़ीपटी स्थित अपने आवास पर प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इंसाफ के पैमाने बदले हुए है़
वे सीमांचल की जनता के साथ सौतेला व्यवहार करते है़ उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम सीमांचल में लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा़ जिले में चरमरायी स्वास्थ्य, शिक्षा आदि अन्य मूलभूत सुविधाओं को अगर दुरूस्त नहीं किया गया तो एआईएमआईएम सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी करेगा़ पंचायत चुनाव के बाद जिला परिषद अध्यक्ष एवं प्रखंड प्रमुख पद के लिए तिथि निर्धारित नहीं किया गया है़ अध्यक्ष एवं प्रमुख के चुनाव में देरी होने से हॉर्स ट्रेडिंग की संभावना बढ़ जाती है़
उन्होंने कहा कि वे चुनाव आयोग से अपील करेंगे कि पंचायत चुनाव संपन्न होने के तुरंत बाद अध्यक्ष एवं प्रमुख का चुनाव करा लिया जाये़ इस मौके पर एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष इसहाक आलम एवं मजहरूल हसन के अलावे दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे़
धन बल का प्रयोग
ठाकुरगंज : पंचायत चुनाव में नोट के बदले वोट का खेल जमकर हो रहा है़ 14 मई को होने वाले चुनाव के पहले बाजार से 50 व 100 के नोटों का गायब हो जाना इसी तरफ इशारा कर रहा है़ ठाकुरगंज प्रखंड के किसी भी इलाके में इन दिनों 100 एवं 50 के नोट आसानी से नहीं मिल रहे हैं . पिछले चुनाव से सबक लेकर उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में दोनों नोट जमा कर लिये थे़ उन नोटों को चुनाव के पहले मतदाताओं के बीच बांटा जाना था़
नोटों के जरिये अपनी जीत पक्की करने का ख्वाब संजोये उम्मीदवारों पर प्रशासन भी आंख बंद कर बैठी है़ जिससे धन बल का खेल खेलने के इच्छुक उम्मीदवारों की पौ बारह है़
जीत-हार की चर्चा जोरों पर
दिघलबैंक़ प्रखंड में पंचायत चुनाव समापन के बाद विभिन्न चौक-चौराहों पर जीत-हार की चर्चा जोरों पर होने लगी है़ इस बार विभिन्न पद के लिए 1577 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाए है़ इन सभी प्रत्याशियों के बीच मतदाताओं ने जमकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया है़ इसी मतदाता के भरोसे सभी प्रत्याशी अपनी जीत का दावा कर रहे है़ विभिन्न प्रत्याशियों के अपने जोड़ घटाव से वह कहीं ना कहीं वे जरूर जीत रहे है़ उसे भरोसा है
कि चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं ने जो आशीर्वाद दिया था, उस हिसाब से जीत तो मेरी ही होनी चाहिए़ प्रखंड के विभिन्न चौक-चौराहों पर हर दिन पंचायत चुनाव में कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है, किसका वोट कटकर उस प्रत्याशी को चला गया है, इस तरह की चर्चा जोरों पर चल रही है़ लेकिन कुछ उम्मीदवार ऐसे भी है जो हिम्मत दिखाकर खुद को जीत की दौड़ में पिछड़ने की बात कह रहे है़ उनका मानना है की कई इलाकों से उम्मीद के अनुसार रुझान नहीं आ रहे़ लेकिन इंतजार सबको 21 मई का है़
