सरकार करायेगी इलाज
1 अप्रैल से जिले में पूर्ण शराबबंदी लागू करने के लिए स्थानीय प्रशासन कटिबद्ध है. वहीं शराब की जद में आये जिलेवासियों को शराब की लत से छुटकारा दिलाने के लिए भी स्थानीय प्रशासन ने ठोस कदम उठाना प्रारंभ कर दिया है.
किशनगंज : किशनगंज जिले के 7 प्रखंडों में शराब के नशे से प्रभावित सदस्यों की पहचान लगभग कर ली गयी है. शुरूआती आकड़े के मुताबिक लगभग 1400 मरीज आदतन नशेड़ी पाये गये हैं. हालांकि इनमें कुछ महिलाएं भी है जिन्हें अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है. आगामी एक अप्रैल के बाद से राज्य सरकार नशे से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों का इलाज कराएगी. प्रभावित मरीजों के दवा से लेकर भोजन तक की नि:शुल्क सुविधा राज्य सरकार वहन करेगी. एक अप्रैल से प्रदेश में लागू हो रही नयी उत्पाद नीति को लेकर आशा कार्यकर्ताओं के जरिए जिले के सभी प्रखंडों में नशा विमुक्ति अभियान चला शराब के नशे से प्रभावित नशेडि़यों की पहचान की गयी है.
नशा मुक्ति केंद्र के लिए अलग से मेडिकल टीम गठित : नशा मुक्ति केंद्र के लिए सदर अस्पताल में अलग से मेडिकल टीम का भी गठन हो चुका है. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति ने मेडिकल टीम को विशेष ट्रेनिंग प्रदान की है. केंद्र में दो मेडिकल पदाधिकारी के अलावे तीन वार्ड अटेंडेंट, तीन नर्स व दो काउंसलर को टीम में शामिल किया गया है. ताकि नशा प्रभावितों को बेहतर चिकित्सा प्रदान किया जा सके.
नशा मुक्ति केंद्र में 10 बेड की व्यवस्था : उन्होंने कहा कि केंद्र में तत्काल 10 बेड की सुविधा उपलब्ध है. परंतु आवश्यकता पड़ने पर और बेड की व्यवस्था की जायेगी. इसके अलावे केंद्र में जो मरीज भरती रहेंगे उन पर सीसीटीवी से भी निगरानी रखी जाएगी. इसके अलावे नशा मुक्ति केंद्र वार्ड से लेकर डाक्टर कक्ष तक सीसीटीवी से लेकर स्क्रीन तक लगाया गया है. वार्ड में मनोरंजन के लिए टीवी भी रहेगा. जिला पदाधिकारी पंकज दीक्षित ने 28 मार्च को केंद्र का शुभारंभ कर दिया है.
10 नये बेड लगाए गए है. सातों दिन सतरंगी बेडशीट भी बिछेगा. इसके लिए अलग से 70 नये बेडशीट भी खरीद कर मंगाए गए है.इतना ही नहीं मरीजों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ वाटर प्यूरी फाइयर सिस्टम भी लगाया गया है.
