102 एंबुलेंस बना शोभा की वस्तु, लोग परेशान
किशनगंज : जिले की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माने जाने वाली 102 एंबुलेंस सेवा विभागीय उदासीनता के कारण आज मात्र शोभा की वस्तु बन गयी है. नतीजतन दूर दराज के इलाकों से इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे मरीज व उनके परिजनों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. एंबुलेंस के एक टायर के […]
किशनगंज : जिले की स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ माने जाने वाली 102 एंबुलेंस सेवा विभागीय उदासीनता के कारण आज मात्र शोभा की वस्तु बन गयी है. नतीजतन दूर दराज के इलाकों से इलाज कराने सदर अस्पताल पहुंचे मरीज व उनके परिजनों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. एंबुलेंस के एक टायर के खराब हो जाने के कारण सदर अस्पताल में वह धूल फांक रहा है. रविवार को भी पश्चिम बंगाल के ग्वालपोखर थाना
क्षेत्र के फुटी पोखर गांव से प्रसव कराने पहुंची नूर सेवा खातुन को चिकित्सकों द्वारा रेफर कर दिये जाने के बाद जहां परिजन एक अदद एंबुलेंस के लिए भटकते रहे वहीं प्रसूता भी प्रसव पीड़ा से कराहती रही. वहीं एंबुलेंस चालक ने बताया कि मात्र 1 स्टेपनी के महीनों पूर्व खराब हो जोन के बाद पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया था. परंतु शुक्रवार को 1 और टायर के जवाब दे देने के कारण एंबुलेंस सेवा ठप्प कर दी गयी है. इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डा आरपी सिंह ने बताया कि नये टायर की खरीद की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. जल्द ही एंबुलेंस को टायर मुहैया करा दिया जायेगा.
ममता पर अवैध उगाही का आरोप
किशनगंज. स्थानीय सदर अस्पताल प्रसव कराने पहुंची प्रसूता रिफत खातून पति तौसीफ माछमारा निवासी के सुरक्षित प्रसव के बाद सदर अस्पताल में तैनात ममता कार्यकर्ताओं ममता विभा देवी, बबली देवी, किरण देवी ने जबरन परिजनों से 150 रुपये ऐंठ लिये थे.
रुपयों की मांग किये जाने से नाराज परिजनों ने जम कर हंगामा मचाया. हालांकि परिजनों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुन घटना स्थल पर पहुंचे चिकित्सक सहित अन्य अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह आक्रोशित परिजनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन परिजन आरोपी ममता के निलंबन की मांग पर अड़े रहे. अंतत: सदर अस्पताल कर्मियों के द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिये जाने के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हो गया. हालांकि घटना से नाराज परिजनों द्वारा हंगामा किये जाने के बाद ममता ने परिजनों को रुपये वापस कर दिये थे. हालांकि ममता ने आरोप को निराधार बताया.