किशनगंज : शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र के प्रांगण में प्रथम बार विश्व खाद्य दिवस मनाया गया. साथ ही डा कलाम कृषि महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने केंद्र के वैज्ञानिक एवं प्रगतिशील कृषक के साथ मिल कर इस अवसर पर जागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक रूप से केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डा केएम सिंह डा कलाम कृषि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डीके वर्मा एवं डीडीएम नाबार्ड सावन प्रकाश के द्वारा दीप प्रज्वलित का कार्यक्रम कर विधिवत शुभारंभ किया.
केंद्र के कार्यक्रम डा केएम सिंह ने विश्व खाद्य दिवस पर विस्तारपूर्वक परिचर्चा करते हुए कहा कि आज विश्व खाद्य दिवस पर हम लोगों को चिंतन करने की जरूरत है कि कैसे अपने नवीनतम कृषि प्रणाली को अपनाये और उत्पादकता को बढ़ाये. खाद्य सुरक्षा एवं टिकाऊ खेती किस प्रकार की जाये इस विषय पर विस्तृत चर्चा की.
डा कलाम कृषि महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डीके वर्मा ने बताया कि हम लोगों को समान रूप से हरित क्रांति के साथ साथ अन्य क्रांति जैसे श्वेत क्रांति, नीली क्रांति पर जोर दिये और बोले कि हम लोगों को इंद्र धनुष क्रांति की ओर अग्रसर होना चाहिए. डा कलाम कृषि महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डा हरि ओम ने अभी वर्तमान में खाद्य की उपलब्धता और प्रति व्यक्ति जरूरत क्या है उस पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला.
सहायक प्राध्यापक डा संजीव कुमार ने खाद्य दिवस की जागरूकता मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी इस विषय पर विस्तृत रूप से चर्चा की. डा रत्नेश चौधरी एवं वैज्ञानिक ने कहा कि विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर वैज्ञानिक, प्राध्यापक, छात्र एवं छात्रा और प्रगतिशील कृषक आज जो चिंतन कर रहे हैं ये चिंतन तभी सफल होंगे जब हम छोटे-छोटे जमीन हमारे पास है. उसमें पेड़ पौधे या सब्जी लगा कर उपयोग करेंगे और जो घर के स्नान घर से जो भी जल निकलते हैं उनको संचित कर सिंचाई कर खेती में उपयोग करें.
अंडा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वन राजा और ग्राम प्रिया प्रजाति का मुर्गी पालन करें और अपने देशी गाय से अधिक दूध उत्पादन के लिए कृत्रिम गर्भाधान को अपनाये. डीडीएम नाबार्ड सावन प्रकाश ने इस कार्यक्रम की काफी सराहना की और खाद्य सुरक्षा कैसे बरकरार रखना है इसमें हम लोगों की क्या भूमिका है इस विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की. इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये.
कार्यक्रम का संचालन डा नीरज प्रकाश द्वारा किया गया. कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ अश्विनी कुमार साह सह वैज्ञानिक ने किया. इस कार्यक्रम में केंद्र के वैज्ञानिक हेमंत कुमार सिंह, डा नीरज प्रकाश, डा कलाम कृषि महाविद्यालय के सभी सहायक प्राध्यापक छात्र-छात्रा, प्रगतिशील किसान भारी संख्या में मौजूद थे.
