बंद रहीं दवा दुकानें, मरीजों को नहीं मिली दवा

किशनगंज : केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा रिटेल में ऑनलाइन फार्मासिस्ट की अनिवार्यता और फार्मासिस्टों को रखे जाने के विरोध में बुधवार को भारत बंद के आह्वान पर किशनगंज की सभी मेडिकल दुकानें बंद रही. इस चक्कर में मरीजों के परिजन दवा के लिए इधर-उधर भटकते रहे. उनको कहीं दवा नहीं मिल रही है. हालांकि […]

किशनगंज : केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा रिटेल में ऑनलाइन फार्मासिस्ट की अनिवार्यता और फार्मासिस्टों को रखे जाने के विरोध में बुधवार को भारत बंद के आह्वान पर किशनगंज की सभी मेडिकल दुकानें बंद रही.

इस चक्कर में मरीजों के परिजन दवा के लिए इधर-उधर भटकते रहे. उनको कहीं दवा नहीं मिल रही है. हालांकि इस दौरान जिला मुख्यालय स्थित चार मेडिकल दुकानों को बंद से बाहर रखा गया था.

एसोसिएशन की ओर से बुलायी गयी इस बंदी से किशनगंज की दवा मार्केट में करीब एक करोड़ से ऊपर की दवा कारोबार प्रभावित होने का अंदेशा जताया जा रहा है.

दवा के लिए भटकते रहे मरीज
देश व्यापी मेडिकल स्टोर की हड़ताल के चलते जिले के सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे. दवा न मिलने पर रोगी व उनके परिजन दवा की तलाश में परेशान घूमते रहे. दवा की आस में कुछ लोग मेडिकल स्टोर के बाहर भी खड़े रहे. लेकिन दवा मिलने की कोई आस न दिखायी देने पर वह खाली ही लौट गये.
हड़ताल रहा सफल : अध्यक्ष
किशनगंज जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष जमील अख्तर एवं सचिव जंगी प्रसाद दास के अलावे अन्य सदस्य हड़ताल का जायजा लेने के लिए दौरा करते रहे.
जिला अध्यक्ष जमील अख्तर ने दावा किया कि हड़ताल पूरी तरह से कामयाब रही. उन्होंने कहा कि दवाओं की ऑन लाइन बिक्री की सरकार को अनुमति नहीं देनी चाहिए. हड़ताल को सफल बनाने में संजू चांदवाड़, नीरज जैन, राम बाबू ने बताया कि ऑनलाइन दवाओं की बिक्री से युवाओं में नशाखोरी बढ़ेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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