युवाओं के लिए नजीर बने
प्रत्येक वर्ष 8-10 लाख रुपये की हो रही आमदनी
कटेया (गोपालगंज) : कटेया के अमित ने इंजीनियर की नौकरी छोड़ कर खेती में अपनी किस्मत आजमायी. इसमें किस्मत ने साथ दिया और आज वह नौजवानों के लिए एक मिसाल बन चुके हैं.
वह दिल्ली की एक कंपनी से नौकरी कर जब गांव आये, तो देखा कि पिता अमरजीत कुशवाहा परंपरागत कृषि में लगे हैं, जिसमें श्रम अधिक और लाभ कम है.
पिता की परेशानी और अलाभकारी खेती पर विचार करते हुए उन्होंने व्यावसायिक खेती करने की सलाह दी, किंतु पिता स्वयं को इसके लिए तैयार नहीं कर पाये.
अमित ने दिल्ली की नौकरी छोड़ पिता के साथ गांव में खेती करनी शुरू की़ देखते-देखते वह क्षेत्र के लोगों के लिए नजीर बन गये. अमित बताते हैं कि मैंने शुरू में केले की खेती की, जिसमें काफी लाभ हुआ. इसे देख पिता भी उनका सहयोग करने लगे.
