गांव वासी राहिल अख्तर, अख्तर हुसैन, अब्दुल रहमान, मो मुस्फीक व सालीम जावेद के अगुवाई में गांव के पुरूष व महिलाओं ने खानाबाड़ी चौक से गांव के अंदर तक लगभग दो किमी कच्ची सड़क को पक्की सड़क में तब्दील नहीं किये जाने का आरोप सीधे सीधे वर्तमान जनप्रतिनिधि पर लगाया है. इस संबंध में ग्रामीण राहिल अख्तर व अख्तर हुसैन ने कहा कि इस इलाके में कई एक सड़क बनवाने का दम भरने वाले उनके एमपी, एमएलए को हमारी यह सड़क रास नहीं आयी.
एक हजार से उपर की आबादी वाले तीन चार गांवों को मुख्य पथ से जोड़ने वाली यह कच्ची सड़क गांव वासियों के लिए अभिशाप बन गयी है. बारिश में सड़क पर जल जमाव व कीचड़ मुश्किले पैदा कर रही है. गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए पैदल दो किमी का सफर तय करना पड़ता है. क्योंकि गांव तक टेंपो या अन्य वाहन बरसात में प्रवेश नहीं कर पाती है. इन लोगों ने कहा कि जान बूझ कर हमारे गांव को विकास की रोशनी से महरूम रखा जा रहा है. जबकि कई एक बार विधायक और सांसद के पास सड़क निर्माण की अर्जी लगा चुके है.
बार बार आश्वासन के अलावे ग्रामीणों को कुछ भी नसीब नही हो सका है अगर चुनाव से पूर्व सड़क नहीं बनी तो गांव के लोग वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है.
