दिघलबैंक: कभी जीरो क्राइम के लिए अपनी पहचान रखनेवाले दिघलबैंक के सीमावर्ती क्षेत्र में बीते कुछ समय में अंतर्राज्यीय अपराधी गिरोह की घुसपैठ बढ़ी है. खास कर पश्चिम बंगाल व दूसरे जिले के अपराधी यहां ज्यादा सक्रिय होते दिख रहे हैं.
पिछले 12 मार्च 2014 को हरूवाडांगा दिघलबैंक मुख्य मार्ग पर डकैती की योजना बनाते चार अपराधियों को पकड़ा गया था. वहीं 26 मार्च 2014 को पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर चौक से व्यापारी रथीन मजुमदार के अपहरण में उपयोग किये गये तबेरा वाहन जेएच 20 ए 2641 के साथ आधा दर्जन अपराधी धनतोला के नयाबाड़ी में बड़ी वारदात को अंजाम देने की जुगत में थे. मगर एसएसबी व स्थानीय पुलिस की सक्रियता से अपराधी वाहन छोड़ रात के अंधेरे में नेपाल की ओर भाग खड़े हुए. इसके अलावे चोरी एवं अन्य वारदातों में इजाफा हुआ है.
पुलिस के लिए चुनौती
इस घटना की पूरी गुत्थी कब तक सुलङोगी यह पुलिस के लिए चुनौती भरा है. क्योंकि इसमें बाहरी अपराधी की संलिप्तता की बात सामने आ रही है.
उठ रहे हैं कुछ सवाल
घटना स्थल तुलसिया से सबसे नजदीकी थाना की दूरी 12 किमी है. बहादुरगंज से दिघलबैंक के 25 किमी के मध्य कोई थाना अथवा पुलिस चौकी नहीं है.
