कहा अपहृत के विरोधाभाषी बयान के कारण संशय की स्थिति
व्यवसायी चंदन की बरामदगी से हुआ मामले का पटाक्षेप
किशनगंज : छह दिन पूर्व स्थानीय कैलटैक्स चौक से अपहृत शहर के प्रसिद्ध भवन निर्माण सामग्री विक्रेता चंदन सिंह को स्थानीय पुलिस द्वारा गुरुवार को सकुशल बरामद करने के पश्चात स्थानीय पुलिस अब मामले को अपहरण मानने से इनकार कर रही है.
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान एसपी राजीव रंजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिसिया पूछताछ के क्रम में अपहृत के विरोधाभाषी बयानों के कारण संशय की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. इसके बावजूद पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करने में जुटी है. उन्होंने कहा कि चंदन सिंह ने अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए कई लोगों से कर्ज ले रखा था. इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है.
इसलिए फिरौती के लिए चंदन का अपहरण हो ही नहीं सकता है. उन्होंने कहा कि पूछताछ के क्रम में चंदन सिंह ने मारुति सवार चालक सहित दो लोगों द्वारा अपहरण किये जाने की जानकारी दी थी. परंतु बाद में वह अपने पूर्व के बयान से पलट गया और चालक सहित तीन लोगों के मारुति पर सवार होने की बात कहने लगा. श्री रंजन ने कहा कि अपहृत चंदन ने अपहरण के दौरान अपहरण कर्ताओं द्वारा आग्नेयास्त्र का प्रयोग न करने की बात कही थी अगर यह सच है तो फिर चंदन ने घटना के वक्त विरोध क्यों नहीं किया. यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है.
उन्होंने कहा कि घटना के वक्त चंदन का मोबाइल लोकेशन असम का लखीमपुर का था परंतु अपहृत असम जाने से साफ इनकार कर रहा है. घटना के संबंध में पूछे जाने पर अपहृत व्यवसायी चंदन सिंह ने कहा कि घटना के दिन वह अपने कार की मरम्मत के लिए कैलटैक्स चौक गया था. मिस्त्री द्वारा विलंब होने की जानकारी दिये जाने के बाद वह एक व्यवसायी को रुपये देने कैलटैक्स चौक चला गया था तथा वापसी के लिए वह कैलटैक्स चौक से बस पर सवार हो गया था.
परंतु बस उसे एसएसबी कैंप के निकट तक लेकर चली गयी थी. जहां से गैरेज वापस लौटने के क्रम में मारुति सवार अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया था.
उसने बताया कि अपहरणकर्ता उसकी आंखों में पट्टी बांध उसे अज्ञात स्थान पर लेकर चले गये थे. वहां से उन लोगों ने उसे गुरुवार को एनजेपी लाकर मुक्त कर दिया था. एनजेपी से घर वापस लौटने के क्रम में स्थानीय पुलिस ने उसे कैलटैक्स चौक से बरामद कर लिया था.
