किशनगंज : किशनगंज स्टूडेंट कम्युनिटी के बैनर तले जिला मुख्यालय स्थित अंजुमन इस्लामिया से लेकर शहर के विभिन्न मार्ग होते हुए समाहरणालय तक संविधान बचाओं के नारा लगाते हुए सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. इसमें एएमयू, जामिया सहित अन्य महाविद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. नागरिक संशोधन कानून को लेकर निकाली गयी. विरोध प्रदर्शन रैली में विभिन्न विद्यालयों के छात्राएं भी काफी संख्या में भाग लिया.
सीएए व एनआरसी के खिलाफ किशनगंज स्टूडेंट कम्यूनिटी के बैनर तले के छात्र-छात्राओं ने निकाला विरोध मार्च

सीएए व एनआरसी के खिलाफ किशनगंज स्टूडेंट कम्यूनिटी के बैनर तले के छात्र-छात्राओं ने निकाला विरोध मार्च
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किशनगंज : किशनगंज स्टूडेंट कम्युनिटी के बैनर तले जिला मुख्यालय स्थित अंजुमन इस्लामिया से लेकर शहर के विभिन्न मार्ग होते हुए समाहरणालय तक संविधान बचाओं के नारा लगाते हुए सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ विरोध मार्च निकाला. इसमें एएमयू, जामिया सहित अन्य महाविद्यालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. नागरिक संशोधन कानून को […]
रैली में देश बचाओ, संविधान बचाओं सहित दर्जनों स्लोगन लिखे छात्र-छात्राओं ने सीएए को वापस लेने की मांग की. पूर्व वार्ड पार्षद असगर अली पीटर, शायर तबरेज हाशमी सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं अंजुमन इस्लामिया मदरसा में एकत्रित हुए और यहीं से विरोध मार्च निकाला गया जो शहर के पश्चिम पाली, चूड़ीपट्टी, बाजार चौक, गांधी चौक, डे मार्केट चौक, बस स्टैंड एनएच 31 पहुंचा और धरने में तब्दील हो गया.
विरोध मार्च में शामिल छात्र-छात्राओं ने एनएच 31 के सर्विस रोड पर ही धरना पर बैठ गये. धरने में शामिल छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए सीएए व एनआरसी को वापस लेने की मांग की.
बस स्टैंड के सामने एनएच 31 के सर्विस रोड पर प्रदर्शन व सभा के के कारण कुछ देर के लिए आवागमन पूरी तरह ब���धित रहा. प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दिया. घंटों तक एनएच 31 के सर्विस रोड पर छात्र-छात्राओं ने विरोध सभा आयोजित की और जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान छात्रों ने राष्ट्रगान को गाकर और संविधान पढ़कर केंद्र सरकार से अपील की.
यह काला कानून है और यह हिंदू- मुस्लिम एकता खत्म करना चाहता है. हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया. असगर अली पीटर ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान विरोधी नीति के तहत काम कर रही है. सीएए वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा. वक्ताओं ने कहा कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने की मंशा सफल नहीं होने दी जायेगी. इसके बाद विरोध मार्च में शामिल छात्रों ने समाहरणालय में पहुंचा और जिला पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा.