किशनगंज : केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन बिल का एआइएमआइएम ने जबर्दस्त विरोध किया है. सोमवार को शहर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसका जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का पुतला फूंका.
इस मौके पर एआइएमआइएम के विधायक कमरुल होदा ने कहा कि धर्म के आधार पर किसी को भारतीय नागरिकता देना किसी भी तरह से उचित नहीं है. यह सरासर देश के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. संविधान में यह बात स्पष्ट रूप से कहीं गयी है कि देश की सरकार किसी धर्म विशेष की नहीं बल्कि धर्म निरपेक्ष होगी और यही भारत का शुरू से सिद्धांत रहा है.
सरकार का यह कहना कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं इसलिए गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिए तो क्या चीन, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका में अगर किसी मुसलमान पर अत्याचार हो तो उसे भारत की नागरिकता का अधिकार नहीं होगा. क्या यह गैर मुस्लिम देश भारत के पड़ोसी नहीं है?
क्या इन देशों में मानवता पर अत्याचार नहीं हो रहे हैं? विधायक ने कहा कि म्यांमार में वहां के अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार हुए हैं, उसे कौन नहीं जानता लेकिन फिर भी धर्म के आधार पर राजनीति की जा रही है. वोट की राजनीति में कहीं हम इन पड़ोसी देशों से आये लोगों के लिए दरवाजा तो नहीं खोलने जा रहे.
कहा कि सरकार देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की बजाये धर्म के नाम पर सियासत कर रही हैं. जो कि किसी भी सूरत में ठीक नहीं है. इस मौके पर एआइएमआइएम नेता इजहार अशफी, इशहाक आलम सहित दर्जनों एआइएमआइ के कार्यकर्ता मौजूद थे.
