24 पार्षदों ने हस्ताक्षरयुक्त अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन सौंपा

किशनगंज : नगर पालिका आम निर्वाचन के दो वर्ष पूरा होते ही किशनगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी थी़ आखिरकार मंगलवार को 24 पार्षदों का हस्ताक्षर युक्त आवेदन मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर […]

किशनगंज : नगर पालिका आम निर्वाचन के दो वर्ष पूरा होते ही किशनगंज नगर परिषद के मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी थी़ आखिरकार मंगलवार को 24 पार्षदों का हस्ताक्षर युक्त आवेदन मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर दे दिया गया़

किशनगंज नगर परिषद में कुल 34 वार्ड है, जिसमें से 24 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने हेतु दिये गये आवेदन में हस्ताक्षर किये है़ यदि हस्ताक्षर करने वाले सभी 24 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में एकजुट रह गये तो मुख्य पार्षद जानकी देवी एवं उपमुख्य पार्षद जमशेद आलम का जाना तय है़ मई 2017 में नगर निकाय चुनाव के परिणाम के घोषणा होते ही मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के पद के लिए गोलबंदी शुरू हो गयी थी़
किशनगंज नगर परिषद में मुख्य पार्षद का पद एससी महिला के लिए सुरक्षित है़ एक गुट जमशेद आलम का था तो दूसरा गुट आंची देवी जैन अर्थात त्रिलोक चंद जैन का था़ जमशेद आलम नौसीखिये थे तो त्रिलोक चंद जैन किशनगंज नगर परिषद के मामले में मंझे हुए हैं, लेकिन 9 जून 17 को जमशेद आलम गुट ने त्रिलोक चंद जैन गुट को मात देकर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया था़
शिकस्त खाये गुट दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने का इंतजार कर रहा थे. अंदर खाने में तैयारी पहले से ही चल रही थी़ 24 पार्षदों को अपने पक्ष में गोलबंद कर दूसरे गुट ने जमशेद आलम को पहला झटका दे ही दिया है़ जमशेद आलम चक्रव्यूह को तोड़ पाते हैं कि नहीं यह आने वाला समय ही बतायेगा़ कल तक जो साथ थे आज विरोधी खेमे में है़ं
आगे की प्रक्रिया क्या होगी
मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए दिये गये आवेदन के बाद उन पर क्षुब्ध पार्षदों द्वारा लगाये गये आरोप पर चर्चा के लिए नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी एक विशेष बैठक बुलायेंगे़ बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने के मद्देनजर लगाये गये आरोप पर चर्चा होगी़ सभी पार्षद सहित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपना अपना पक्ष रखेंगे़
साथ ही अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में है या विपक्ष में इस संबंध में पार्षदों को अपना मंतव्य बनाना होगा़ 18 या इससे अधिक पार्षद यदि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में रहते हैं तो मुख्य पार्षद व उपमुख्य पार्षद को अपने पद से त्यागपत्र दे देना होगा, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना दी जायेगी. राज्य निर्वाचन आयोग को मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद को चुनाव को लेकर तिथि निर्धारित करेगा, जिसमें मुख्य पार्षद एवं उपमुख्य पार्षद के दावेदार नामांकन कर अपनी दावेदारी पेश करेंगे़

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >