कुर्लीकोट : ठाकुरगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय सरकारी समय नहीं बल्कि, किशनगंज से ठाकुरगंज आने और जाने वाली ट्रेन के समय के अनुसार चलता है. यहां आने वाले अधिकांश कर्मी किशनगंज व अन्य आदि जगहों से आते हैं. अगर ट्रेन के आने में विलंब तो कार्यालय भी देर से खुलता है. अगर कार्यालय स्थानीय कर्मी समय पर खुलती हैं तो कर्मी नदारत दिखते हैं.
ट्रेन के अनुसार कार्यालय पहुंचते व छोड़ते हैं कर्मी
कुर्लीकोट : ठाकुरगंज प्रखंड सह अंचल कार्यालय सरकारी समय नहीं बल्कि, किशनगंज से ठाकुरगंज आने और जाने वाली ट्रेन के समय के अनुसार चलता है. यहां आने वाले अधिकांश कर्मी किशनगंज व अन्य आदि जगहों से आते हैं. अगर ट्रेन के आने में विलंब तो कार्यालय भी देर से खुलता है. अगर कार्यालय स्थानीय कर्मी […]

कुछ ऐसी ही हकीकत ठाकुरगंज प्रखंड के अधीनस्थ कार्यालय में अमूमन कार्यालय का यही हाल है. ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे कार्यालय में पहुंचे लोगों ने बताया कि अभी फलाना बाबू नहीं आए हैं. आएंगे तब काम होगा. सिलीगुड़ी-कटिहार इंटरसिटी एक्सप्रेस किशनगंज से ठाकुरगंज अक्सर ट्रेन समय से लेट ठाकुरगंज पहुंचती है, जिस कारण से कर्मियों का भी लेट से पहुंचना होता है.
फिर बात चाहे अंचल कार्यालय का हो या प्रखंड कार्यालय का, महिला बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस), डाक विभाग, नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य कई विभागों के साथ सरकारी कर्मियों के अलावे शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की भी यही कहानी है. विलंब से आने वाले अधिकांश प्रखंड सह अंचल कर्मी ट्रेन से आते हैं.
कार्यालय लेट पहुंचने का मतलब है कि ट्रेन लेट है. इससे समझ सकते हैं कि यह कार्यालय ट्रेनों की समय सारणी से ही चलता है. सूत्रों का कहना है कि यहां पर कार्यरत अधिकांश कर्मी प्रखंड क्षेत्र से बाहर आते हैं. बस मार्ग से बात चाहे बंगाल या नेपाल की ही क्यों न हो लेट से आते हैं. उनके आने-जाने का समय ट्रेन औऱ बस की समय सारणी पर निर्भर करता है. कर्मियों के लेट से आने के कारण तब तक लोगों को दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
वहीं, ट्रेन और बस का समय हो जाने पर कार्यालय से जल्द ही नदारद दिखते है. मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीराम पासवान से जानने पर उन्होंने बताया कि कार्यालय का कार्य सुचारू रूप से हो रहा है. कई बार सुनने में आया है. जांच पड़ताल करने पर दोषी पाए जाने पर शोकॉज किया जाएगा. लेट से कार्यालय पहुंचने वाले कर्मी को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अपने समय सारणी और कार्यशैली में बदलाव लायें.