दिघलबैंक : प्रखंड क्षेत्र के मंगूरा पंचायत के दर्जनों गांव के निवासी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रहे है. यहां के लोग पक्की सड़क के अभाव में नरकीय जीवन व्यतीत करने को विवश है. इन गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं है.
आज भी लोग उबर खाबड़ और कच्ची सड़कों पर चलने को विवश है. टप्पू स्कूल चौक से स्थानीय मुखिया की घर जाने वाली सड़क काफी जर्जर है. यह सड़क एक जगह से बाढ़ में एक जगह से कट भी गयी है. मुखिया प्रतिनिधि ललित कुमार ने बताया कि यह तीन किमी लंबी सड़क आगे राम किसन गणेश के दरवाजे होते हुए चैन मंगूरा गांव प्रधानमंत्री सड़क को छुती है मगर इतने महत्वपूर्ण सड़क को देखने वाला कोई नहीं.
इस पंचायत के बुआलदह समिति टोला से लालपानी होते हुए करवामनी सड़क तक. वही शेरशाह वादी टोला प्रधानमंत्री सड़क से दोगिरजा प्रधानमंत्री सड़क तक. वही बुआलदह एसएच 99 हरगोविंद टोला से गोचर की जमीन होते हुए फांसीटोला सतकौआ तक. वही एसएच 99 से मंगुरा पैक्स गोदाम होते हुए प्रधानमंत्री सड़क तक. वही हॉस्पिटल रोड के पीछे से मनोज कामती के घर होते हुए सुरेश मोदी के घर के सामने से एसएच 99 तक. एसएच 99 कोइमारी होते हुए कब्रिस्तान से कालागाछ गांव तक. गैयाथान से मंगूरा मुखिया टोला तक पक्की सड़क निर्माण की मांग ग्रामीण वर्षों से कर रहे है. ये सभी सड़के इन पंचायत की रीढ़ की हड्डी है तथा पक्की सड़क नहीं होने से हजारों की आबादी प्रभावित है. उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में बहुत ऐसी सड़के है जो चलने के लायक नहीं रहते. पूरी सड़क गड्ढा और कीचड़ से सना रहता है. उनदिनों इन सड़क पर चलना जान जोखिम में डालने जैसा है. उन्होंने स्थानीय विधायक नौसाद आलम को इन सभी सड़को के बारे में बताते हुए ज्ञापन सौंपा. बरसात के आने से पहले इन सड़कों का एवम पूल पुलिया के निर्माण शुरू करवाने की मांग की ताकि यहां के लोग बरसात के दिनों में सुरक्षित आवागमन कर सके.
