किशनगंज नहीं हुआ था अपहरण, शादी के लिए हुई थी फरार

पौआखाली : पौआखाली पुलिस ने चर्चित युवती अपहरण कांड संख्या 15/18 की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हो गई है. 22 मार्च को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पौआखाली पुलिस लगातार फरार आरोपित के परिजनों के ऊपर दबिश बनाकर आखिरकार अपहृता को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया और अंततः शनिवार के दिन न्यायालय […]

पौआखाली : पौआखाली पुलिस ने चर्चित युवती अपहरण कांड संख्या 15/18 की गुत्थी सुलझाने में कामयाब हो गई है. 22 मार्च को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पौआखाली पुलिस लगातार फरार आरोपित के परिजनों के ऊपर दबिश बनाकर आखिरकार अपहृता को आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया और अंततः शनिवार के दिन न्यायालय में अपहृता को बयान कराने हेतु कांड के आइओ सअनि अभिलाष सिंह ने पेशी कराया अपहृता ने कोर्ट में बयान दिया है कि,उन्हें आरोपित युवक ने भगाया या अपहरण नहीं किया था बल्कि वे खुद की मर्जी से घर से भागी थी ताकि युवक से निकाह कर अपना घर बसा सके.
अपहृता के मुताबिक वे दोनों बालिग हैं लिहाजा उन्होंने इस काण्ड के आरोपित युवक के साथ कोर्ट मैरिज कर चुकी है और अब वह उन्हीं के साथ अपनी बाकि की जिंदगी गुजारना चाह रही है. उधर कोर्ट से मिले आदेश के बाद पुलिस ने अपहृता को युवक के परिजनों यानि ससुराल वालों को सौप दिया है. गौरतलब हो कि,22 मार्च को थानाक्षेत्र के दग्दुभिट्ठा गांव निवासी सैरुद्दीन ने अपनी पुत्री के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराकर सुखानी थानाक्षेत्र के भेलागुड़ी गांव निवासी शोएब आलम जो खुद का ही रिश्तेदार है और जो पूर्व से ही शादीशुदा युवक है, उनको प्राथमिकी अभियुक्त बनाते हुए पुत्री की सकुशल बरामदी की पुलिस से गुहार लगायी थी. पुलिसिया दवाब के बाद आखिरकार लगभग एक माह बाद 18 अप्रैल को युवती ने पौआखाली पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया.

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