किशनगंज : स्थानीय मारवाड़ी कॉलेज स्थित इग्नू अध्ययन केन्द्र-86011 के तत्वावधान में गुरुवार को कॉलेज के सभाकक्ष में प्रेरण-सभा ( इंडक्शन मीटिंग) का आयोजन हुआ.
जिसमें जनवरी, 2018 सत्र में नामांकित विद्यार्थी मौजूद रहे. अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ सुरेन्द्र रामनन्द ने कहा कि जिले में किसी भी अंगीभूत महाविद्यालय में अभी स्नातकोत्तर कक्षाएं नहीं चलती हैं. किन्तु, इग्नू सेंटर में अभी हिन्दी, इंग्लिश, इतिहास, राजनीति विज्ञान और कॉमर्स विषयों में विद्यार्थी एमए में नामांकन लिए जाते हैं. इग्नू घर बैठे शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं.
पूर्णिया प्रमंडल में इग्नू सेंटर के स्थापना-काल से जुड़े एवं पूर्व प्रधानाचार्य प्रो टीवीआरके राव ने कहा कि इग्नू दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी बन गई है. इग्नू से स्नातक की डिग्री लेकर विद्यार्थी आईएएस और आईपीएस भी बने हैं. इग्नू की पाठ्य सामग्री इतनी अच्छी है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी सिद्ध होती हैं. स्वागत भाषण करते हुए इग्नू सेंटर के समन्वयक डॉ सजल प्रसाद ने कहा कि एक तरफ 33 देशों में इग्नू की शाखाएं चल रही हैं तो, दूसरी तरफ देश के गांव-पंचायतों के ग्रामीणों को उनके द्वार तक इग्नू की शिक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध है. ऑनलाइन एडमिशन, ऑनलाइन एग्जाम फॉर्म और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होने के साथ-साथ विद्यार्थी के पते पर डाक से सीधे पाठ्य सामग्री भेजी जा रही है.
गांव के किसी भी कंप्यूटर सेंटर की मदद से इग्नू के कोर्स में ऑनलाइन एडमिशन लिया जा सकता है. मीटिंग को प्रो यूसी यादव, डॉ गुलरेज रोशन रहमान, डा सियाराम शुक्ला, डा देवाशीष डांगर आदि ने भी संबोधित किया. मंच संचालन सहायक समन्वयक प्रो संतोष कुमार सिन्हा ने किया. मीटिंग में क्षेत्रीय निदेशक डॉ मिर्जा नेहाल अहमद बेग मुख्य अतिथि थे किंतु, अंतिम समय में अपरिहार्य कारणों से वे यहां नहीं पहुंच सके. उनका शुभकामना-संदेश उपस्थित छात्र-छात्राओं को सुनाया गया.
