किशनगंज : पूर्व महिला पर्यवेक्षिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बुधवार अहले सुबह फंदे से लटका हुआ उनका शव कमरे से बरामद हुआ. इस बात की जानकारी होते ही स्थानीय लोगों को साथ-साथ शुभचिंतकों का जमावड़ा पर्यवेक्षिका के घर पर होने लगा. सीडीपीओ ठाकुरगंज की प्रताड़ना से तंग आकर करीब छह माह पहले महिला पर्यवेक्षिका के पद से उसने त्याग पत्र दे दिया था. मृतका पल्लवी कुमारी शादीशुदा थी, लेकिन पति के साथ विवाद रहने के कारण वह अपने पिता के घर रूईधासा में रह रही थी.
प्रताड़ना से तंग पूर्व पर्यवेक्षिका ने फांसी लगा की आत्महत्या
किशनगंज : पूर्व महिला पर्यवेक्षिका ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बुधवार अहले सुबह फंदे से लटका हुआ उनका शव कमरे से बरामद हुआ. इस बात की जानकारी होते ही स्थानीय लोगों को साथ-साथ शुभचिंतकों का जमावड़ा पर्यवेक्षिका के घर पर होने लगा. सीडीपीओ ठाकुरगंज की प्रताड़ना से तंग आकर करीब […]

स्व अभिनंदन सिंह की पुत्री पल्लवी कुमारी को 12 वर्ष का एक बेटा व आठ वर्ष की एक बेटी है. बेटा अंकित हॉस्टल में रह कर पढ़ाई कर रहा था. मंगलवार की रात मां और मामी के साथ खाना खाकर बेटी प्राची को लेकर वह अपने कमरे में सोने चली गयी. बुधवार तड़के सुबह बिजली कड़कने की आवाज से बेटी प्राची की नींद खुल गयी और मां को पंखे से लटकता देख जोर-जोर से चिल्लाने लगी. प्राची के रोने-चिल्लाने की आवाज सुन कर नीचे के कमरे में सो रही पल्लवी की मां दौड़कर ऊपर पहुंचीं. पल्लवी अपने दुपट्टे से फंदा लगा कर अपनी इहलीला समाप्त कर चुकी थी. पल्लवी ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है.
प्रताड़ना से तंग…
सुसाइड नोट में सीडीपीओ, ठाकुरगंज को बताया आत्महत्या के लिए जिम्मेदार : पल्लवी ने आत्महत्या से पहले चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा है. इसमें एक सुसाइड नोट किशनगंज पुलिस के नाम है. उसमें उन्होंने लिखा है कि सीडीपीओ शशिकला सिंह के कारण तंग हो चुकी हूं, जिसके कारण आत्महत्या कर रही हूं. महिला पर्यवेक्षिका रहते पल्लवी ने सीडीपीओ शशिकला सिंह द्वारा धमकी देने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने व मानसिक प्रताड़ना देने को लेकर 21 सितंबर 2016 को जिलाधिकारी को आवेदन दिया था.
आवेदन के अनुसार सीडीपीओ सभी पर्यवेक्षिकाओं को भद्दी-भद्दी गालियां देती थीं. उन्हें धमकी दी जाती थी कि अनुबंध पर नियुक्त हो, सेवा विस्तार नहीं करने की धमकी देती थी. यह सब वह इसलिए करती थी क्येांकि सीडीपीओ द्वारा की जा रही अवैध वसूली का पल्लवी विरोध करती थी. 21 सितंबर को डीएम को दिये गये एक आवेदन में पल्लवी कुमारी के अलावे और भी चार महिला पर्यवेक्षिकाओं ने हस्ताक्षर किये थे़.
एससी-एसटी केस में फंसाया था
पल्लवी को सीडीपीओ ने साजिश के तहत उसके विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करवा दिया था, जिसके बाद तंग आकर लगभग छह माह पहले पल्लवी ने महिला पर्यवेक्षिका के पद से इस्तीफा दे दिया.